मध्य प्रदेश / ग्वालियर-भिंड-इटावा ट्रैक की स्पीड के साथ विद्युतीकरण का होगा सर्वे

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 12:47 PM IST


gwalior bhind etwa railway track
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मुख्य संरक्षा आयुक्त और उनकी टीम 30 को आएगी 

ग्वालियर। बिरलानगर स्टेशन से लेकर भिंड-इटावा ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की योजना रेलवे तैयार कर रहा है। अभी इस रूट पर 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। जबकि इस ट्रैक की क्षमता 120 किमी प्रतिघंटा की है। भिंड-इटावा ट्रैक पर नई ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। अभी भिंड-ग्वालियर कोटा पैसेंजर, ग्वालियर-भिंड पैसेंजर, झांसी-इटावा एक्सप्रेस, भिंड-ग्वालियर रतलाम इंटरसिटी ट्रेन चल रही है। 

इसके साथ ही अभी ग्वालियर से इटावा होकर सीधे कानपुर ट्रेनें नहीं चल रहीं। कानपुर के लिए ट्रेनें तभी इस ट्रैक से निकाली जाती हैं, जब इंटरलॉकिंग का काम होता है। ग्वालियर से कानपुर ट्रैक पर सीधे ट्रेन चलाने की मांग भी चल रही है। इन सबका सर्वे करने के लिए 30 मार्च को मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) आएंगे। जो टीम के साथ ग्वालियर से लेकर इटावा तक के ट्रैक का सर्वे करेंगे। 


ग्वालियर-भिंड व इटावा ट्रैक का होगा विद्युतीकरण: ग्वालियर-भिंड व इटावा ट्रैक का विद्युतीकरण का काम होगा। अभी डीजल इंजन के साथ ट्रेनें चलाई जा रही हैं। ट्रैक का विद्युतीकरण होने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे के भिंड-इटावा ट्रैक को शुरू किए हुए तीन साल से ज्यादा समय बीत चुका है। फिर भी अब तक इस ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या रेलवे बोर्ड द्वारा नहीं बढ़ाई गई। इस ट्रैक पर ट्रेनें बढ़ाने का प्रस्ताव बोर्ड के पास लंबे समय से पड़ा है। लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। 


अभी दूरी बढ़ाकर चलाई जा रहीं ट्रेनें: रेलवे बोर्ड के पास इटावा से कानपुर व लखनऊ तक ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव अटका हुआ है। अभी दूरी बढ़ाकर ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिसके चलते इन ट्रेनों में कम संख्या में यात्री सफर करते हैं। ओखा एक्सप्रेस अभी ग्वालियर से आगरा जाने के बाद इटावा होकर जाती है। यहां से कानपुर, लखनऊ व गोरखपुर पहुंचती है। इस ट्रेन को ग्वालियर से भिंड, इटावा से कानपुर रूट से चलाने की मांग लंबे समय से चल रही है। इटावा होकर इस ट्रेन काे चलाने पर यात्रियों का समय बचने के साथ रुपए भी बचेंगे। लेकिन बोर्ड ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। वहीं सुशासन एक्सप्रेस ग्वालियर से बलरामपुर के बीच हर बुधवार को ग्वालियर से रवाना होती है। यह ट्रेन ग्वालियर से हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद होकर लखनऊ जाती है। ट्रेनें के लंबा चक्कर लगाने के कारण ग्वालियर से लखनऊ पहुंचने में 13 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। यदि इस ट्रेन को इटावा होकर लखनऊ तक चलाया जाए तो यात्री लगभग 7 घंटे में पहुंच जाएंगे। जिसका फायदा यात्रियों को मिलेगा।

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