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ग्वालियर / जन्माष्टमी पर 50 करोड़ रुपए के ज्वैलरी से सजे राधा-कृष्ण, साल में एक दिन आता है ये मौका



Janmashtami 2019 Gwalior Phool Bagh Gopal Mandir - RadhaKrishn Adorned Gold Jewellery Rs 50 crore - Janmashtami
Janmashtami 2019 Gwalior Phool Bagh Gopal Mandir - RadhaKrishn Adorned Gold Jewellery Rs 50 crore - Janmashtami
Janmashtami 2019 Gwalior Phool Bagh Gopal Mandir - RadhaKrishn Adorned Gold Jewellery Rs 50 crore - Janmashtami
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Janmashtami 2019 Gwalior Phool Bagh Gopal Mandir - RadhaKrishn Adorned Gold Jewellery Rs 50 crore - Janmashtami

  • भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमा को इन जेवरात से सुसज्जित करने की परंपरा आजादी के पूर्व से है
  • मंदिर की सुरक्षा त्रिस्तरीय होगी, 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को किया गया तैनात

Dainik Bhaskar

Aug 23, 2019, 03:39 PM IST

ग्वालियर.  यहां फूलबाग गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान राधाकृष्ण का श्रृंगार करीब 50 करोड़ रुपए के अधिक की ज्वैलरी से किया गया। सिंधिया राजवंश के ये प्राचीन ज्वैलरी मध्यभारत की सरकार के समय गोपाल मंदिर को सौंप दिए गए थे। इन बेशकीमती ज्वैलरी में हीरे और पन्ना जड़ित हैं। ज्वैलरी को कोषालय से कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर लाया गया। ज्वैलरी की लिस्टिंग के बाद उनका वजन किया गया। इसके बाद गंगाजल से धोने के बाद भगवान को पहनाए गए। 

 

गोपाल मंदिर में स्थापित भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमा को इन ज्वैलरी से सुसज्जित करने की परंपरा आजादी के पूर्व से है। उस समय सिंधिया राजपरिवार के लोग व रियासत के मंत्री, दरबारी व आम लोग जन्माष्टमी पर दर्शन को आते थे। उस समय भगवान राधाकृष्ण को इन ज्वैलरी से सजाया जाता था। आजादी के बाद मध्यभारत की सरकार बनने के बाद गोपाल मंदिर, उससे जुड़ी संपत्ति जिला प्रशासन व निगम प्रशासन के अधीन हो गई है। 

 

नगर निगम ने इन ज्वैलरी को बैंक लॉकर में रखवा दिया। वर्षों तक ये लॉकरों में रखे रहे। इसके बाद साल 2007 में डॉ. पवन शर्मा ने निगमायुक्त की कमान संभाली। उन्होंने निगम की संपत्तियों की पड़ताल कराई, उसमें इन ज्वैलरी की जानकारी मिली। उसके बाद तत्कालीन महापौर विवेक शेजवलकर और निगमायुक्त ने गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी के दिन भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमाओं को इन ज्वैलरी से श्रृंगार कराने की परंपरा शुरू कराई। उसके बाद से तत्कालीन आयुक्त इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। 


इन ज्वैलरी में हीरे-जवाहरात से जड़ा स्वर्ण मुकुट, पन्ना और सोने का सात लड़ी का हार, 249 शुद्ध मोती की माला, हीरे जडे कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, प्रतिमा का विशालकाय चांदी का छत्र, 50 किलो चांदी के बर्तन, भगवान श्रीकृष्ण व राधा के झुमके, सोने की नथ, कंठी, चूडियां, कड़े समेत अन्य बहुत सा सामान शामिल है। 


ज्वैलरी की बाजार दर काफी ज्यादा होने के कारण जन्माष्टमी के दिन यहां 200 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पूरा गोपाल मंदिर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इस बार भी भगवान राधाकृष्ण के दर्शन हेतु डेढ़ से दो लाख भक्तों के आने की संभावना है।

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