पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
ग्वालियर. पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंगलवार को कांग्रेस छोड़ने से लेकर बुधवार को भाजपा ज्वाॅइन करने के 24 घंटे के दौरान ग्वालियर शहर सहित पूरे अंचल में राजनीतिक घटनाक्रम बहुत तेजी से बदल गया। बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थकों ने अपने नेता की तर्ज पर कांग्रेस से इस्तीफे दे दिए। हालांकि, सिंधिया खेमे के कई लोग ऐसे भी हैं, जो पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाते हुए इस्तीफे देने से रुक गए हैं। उनका कहना है कि यदि सिंधिया नई पार्टी बनाते तो हम उनके साथ रहते।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने से ग्वालियर चंबल संभाग के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है। जयविलास पैलेस अब पूरी तरह भगवामय हो गया है। इसके एक हिस्से में यशोधरा राजे सिंधिया का निवास है। दूसरे बड़े हिस्से में ज्योतिरादित्य सिंधिया का निवास है।
कांग्रेस में बढ़ सकता है अशोक सिंह का कद
ज्योतिरादित्य मुक्त कांग्रेस में अब अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक सिंह का वजन बढ़ जाएगा। अंचल की 34 विधानसभा सीटों पर टिकटों के वितरण की बात हो या फिर कांग्रेस में किसी भी राजनीतिक नियुक्ति की- हर मामले में सिंधिया की बात अन्य गुटों पर हमेशा भारी रहती थी। लेकिन अब उनके जाने पर दूसरे गुट पार्टी की राजनीति में ज्यादा सक्रिय हो जाएंगे। ये गुट विशेष तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का माना जाता है। सिंधिया व सिंह का राजनीतिक झगड़ा समय-समय पर सामने आता रहा है। इस दौर में ग्वालियर से 4 बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके अशोक सिंह का कद बढ़ने का अनुमान भी पार्टी नेता लगा रहे हैं। क्योंकि, वे दिग्विजय सिंह और कमलनाथ खेमे से हैं। सिंधिया से टिकट व दूसरे मसलों पर उनका टकराव बना रहता था।
कई नेताओं के लिए आया सुनहरा अवसर
लंबे समय से पार्टी के अंदर रहकर ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोध कर रहे और अपनी उपेक्षा झेल रहे कांग्रेस के कुछ नेताओं के लिए अब सुनहरा समय आ गया है। ज्योतिरादित्य भले ही गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन ग्वालियर में कांग्रेस की राजनीति का पत्ता उनके इशारे के बगैर नहीं हिलता था। प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह, कमलनाथ सहित अन्य नेताओं के स्थानीय समर्थकों को तवज्जो नहीं मिलती थी। सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के फैसले से ऐसे नेताओं ने फ्रंट फुट पर आकर खेलना शुरू कर दिया है। शहर में कभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंधिया के पुतले नहीं जलाए लेकिन बुधवार को पार्टी के प्रदेश महामंत्री यदुनाथ सिंह तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने फूलबाग चौराहे पर सिंधिया का पुतला जलाया। उधर, एनएसयूआई कार्यकर्ता अभिषेक शर्मा ने अपनी टीम के साथ पहले कटोराताल रोड पर और बाद में नदी गेट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुतला जलाया।
सैंकड़ों कांग्रेसियों ने छोड़ दी पार्टी
ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के फैसले के बाद ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के 150 कार्यकर्ताओं ने प्रद्युम्न सिंह तोमर के सरकारी आवास 38, रेसकोर्स रोड पर एकत्र होकर पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस्तीफा देने वालों में शहर कांग्रेस, मंडलम, सेक्टर पदाधिकारियों के साथ पूर्व पार्षद भी शामिल हैं। बुधवार को ग्वालियर पूर्व के विधायक मुन्नालाल गोयल के समर्थकों ने तहसील के सामने स्थित कार्यालय पर एकत्र होकर पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इस्तीफा देने वालों में पूर्व पार्षद विद्यादेवी कौरव, दिनेश शर्मा सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री रमेश अग्रवाल के साथ महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष कमलेश कौरव, ब्लॉक अध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा समेत कई पदाधिकारियों ने माधवराव सिंधिया की छत्री पर पहुंचकर सामूहिक इस्तीफा दिया। कुछ अन्य नेता गुरुवार को इस्तीफा देंगे।
ग्वालियर-चंबल संभाग के इन मंत्री-विधायकों ने दिया इस्तीफा
(ग्वालियर -चंबल संभाग में 34 विधानसभा सीट हैं। इनमें से 26 पर कांग्रेस जीती थी और 7 भाजपा व 1 सीट बसपा ने जीती थी। इनमें से जौरा से चुने गए कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का निधन हो चुका है।)
कल तक कोसते थे, आज स्वागत
अब करेंगे विरोध
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.