Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» 2.5 फीसदी शिक्षक ही बिना कारण गैर हाजिर रहते हैं

2.5 फीसदी शिक्षक ही बिना कारण गैर हाजिर रहते हैं

16 राज्यों के 619 स्कूलों में अध्ययन किए जाने के बाद अजीम प्रेमजी फाउंडेशन का दावा भास्कर संवाददाता| भौंती ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:30 AM IST

16 राज्यों के 619 स्कूलों में अध्ययन किए जाने के बाद अजीम प्रेमजी फाउंडेशन का दावा

भास्कर संवाददाता| भौंती

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के बारे में आम धारणा है कि शिक्षक बिना किसी कारण के अधिकांश समय स्कूलों से गायब रहते हैं। पर इस प्रचलित धारणा को नकारते हुए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने दावा किया है कि सरकारी स्कूलों के केवल 2.5 प्रतिशत शिक्षक ही बिना किसी कारण के गैर हाजिर रहते हैं।

फाउंडेशन ने 16 राज्यों के 619 स्कूलों में कई गई शोध के बाद रिपोर्ट जारी की। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रचलित धारणा है कि लगभग 25 से 40 प्रतिशत सरकारी स्कूलों के शिक्षक गैर हाजिर रहते हैं यह गलत है सिर्फ ढाई प्रतिशत शिक्षक ही गैर हाजिरी के दायरे में आते है। यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है, जितनी दर्शाई जाती है। अध्ययन के दौरान 17 फीसदी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षक स्कूलों से गायब मिले पर उनके स्कूलों से गायब होने की वजह प्रशिक्षण, अकादमिक बैठक, अवकाश आदि वाजिव कारण रहे है। दरअसल पूर्व में कई अध्ययनों में इन कारणों पर ध्यान नहीं दिया गया। जिसकी वजह से शिक्षकों को स्कूलों से गैर हाजिर रहना पड़ता है। सरकारी स्कूलों में गैर हाजिरी को इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया है कि स्कूलों से संबंधित अन्य समस्याओं की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया। रिपोर्ट के अनुसार सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने कार्य क्षेत्र में तमाम अवरोधों के बावजूद अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। सरकारी शिक्षकों का मनोबल कम न करें। पूर्व प्रधानाध्यापक धनीराम गेड़ा का मानना है सरकार की निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत छात्रों की प्रवेश नीति सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का मनोबल कमजोर कर रही है। शिक्षकों को कम संसाधनों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का दबाव रहता है। सरकार को अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन देना चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×