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समान कार्य व समान वेतन को लेकर ज्ञापन

मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव के नेतृत्व में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:55 AM IST
मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव के नेतृत्व में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनके ओएसडी को सौंपा। कर्मचारियों में रोष इस बात को लेकर था कि आउटसोर्स कर्मचारियों को कलेक्टर रेट से मात्र 6 से 8 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जबकि दिल्ली, हिमाचल, बिहार में सेवारत कर्मचारियों को नियमित कर स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन देने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कर्मचारियों का कहना कि मप्र में समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

हर माह की एक तारीख को मिले वेतन

अध्यापक संविदा शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यापक संवर्ग की मांगों और समस्याओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी आरएन नीखरा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अरविंद दीक्षित के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में शिक्षकों को हर माह की एक तारीख को वेतन भुगतान कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिले में छठवें वेतन का एक समान निर्धारण कराया जाए ताकि वेतन में एकरूपता बनी रहे। एनपीएस कटौत्रा पासबुक का संधारण शीघ्र किया जाए आदि मांगें शामिल हैं। इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल से जिला शिक्षा अधिकारी की चर्चा हुई। उन्होंने शीघ्र ही आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश राजावत, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नीतू तोमर, नितिन दुब, प्रदीप पांचाल आदि शामिल रहे।

20 से फिर हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी

लिपिक वर्गीय कर्मचारी 20 अप्रैल के बाद फिर हड़ताल पर जाएंगे। इस बार कर्मचारियों की हड़ताल अनिश्चित कालीन होगी। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लोगों के काम अटकना तय है। हड़ताल में सभी विभागों के क्लर्क शामिल रहेंगे। मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने प्रदेश भर में 12 अप्रैल और 13 अप्रैल को हड़ताल की थी। इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। श्री कु‌शवाह ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर फिर से आंदोलन करेंगे। मांगों को लेकर कर्मचारी भूख हड़ताल पर भी जा सकते हैं। हड़ताल पर अाबकारी, भू अभिलेख, कलेक्टोरेट, कोषालय, वन विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, आयुक्त राजस्व, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारी शामिल रहेंगे।

वेतन विसंगति को लेकर आक्रोश प्रकट करते बिजली आउटसोर्स कर्मचारी।