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जमीन की कीमत तय करने वाली नई गाइड लाइन मई के पहले बनना मुश्किल

स्टाम्प एक्ट में संशोधन के बाद गाइड लाइन को लेकर नियम बन चुके हैं। चूंकि नई गाइड लाइन मई के पहले तैयार होनी है,...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:00 AM IST
जमीन की कीमत तय करने वाली नई गाइड लाइन मई के पहले बनना मुश्किल
स्टाम्प एक्ट में संशोधन के बाद गाइड लाइन को लेकर नियम बन चुके हैं। चूंकि नई गाइड लाइन मई के पहले तैयार होनी है, इसलिए जिला व उप मूल्यांकन समितियां पुराने होमवर्क के आधार पर ही प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेज सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो एडजस्टमेंट के नाम पर शहर के 90 ऐसे स्थानों पर जमीन की कुछ कीमतें बढ़ जाएंगी, जहां पर अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा दस्तावेज पंजीयन हुए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में 3 हजार 405 लोकेशन पर रजिस्ट्रियां होती हैं।

यहां हैं जमीन की कीमतों में अंतर: गुढ़ा,अजयपुर व वीरपुर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर गाइड लाइन की तुलना में जमीन के रेट प्रति वर्गमीटर 2 से 3 हजार रुपए तक कम हैं। ऐसे ही बरौआ नूराबाद में भी जमीन के वास्तविक रेट 6 हजार रुपए वर्गमीटर तक ज्यादा हैं।

बहुमंजिला बिल्डिंगों पर भी होमवर्क: शताब्दीपुरम, महाराजपुरा, रोहितनगर, सिंहपुर रोड, ओहदपुर, डोंगरपुर, सचिन तेंदुलकर मार्ग, गोविंदपुरी, मुरार में बड़ी संख्या में बहुमंजिला भवन बन चुके हैं। नई गाइड लाइन में इनके लिए अलग से रेट तय होंगे। अभी तक इनके दस्तावेज आसपास के गली-मोहल्लों के रेट के आधार पर रजिस्टर्ड होते हैं।

दो वार्डों में बसी कॉलोनियों पर निगाह: मेहरा, नितिन नगर, शिवाजी नगर, ओहदपुर, गुलमोहर सिटी, अतुल नगर, रजनीगंधा अपार्टमेंट आदि ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां पर कॉलोनियां दो वार्डों की सीमा में बसी हैं। इनमें भी रेट एक समान करने के लिए होमवर्क होगा। इससे वर्तमान रेट में अंतर आ जाएगा। कुछ क्षेत्रों में तो रेट बढ़ाने को लेकर पहले ही सहमति बन चुकी है।

इस बार छह हजार दस्तावेज ज्यादा रजिस्टर्ड: मंदी के दौर के बाद भी इस बार 18 फीसदी रजिस्ट्रियां ज्यादा हुई हैं। इसी कारण विभाग की आय भी 242 करोड़ से बढ़कर 326 करोड़ को पार कर गई। पिछले साल 29 हजार 900 दस्तावेज रजिस्टर्ड हुए थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 35 हजार 800 से ज्यादा हो गई है।

कलेक्टोरेट के पास खाली पड़ी जमीन।

एडजस्टमेंट के नाम पर बढ़ेंगी कीमतें

शहर में ऐसे 45 स्थान हैं, जहां पर जमीन के रेट में अंतर हैं जबकि कॉलोनियां सटी हुई हैं। इसी कारण ऐसे क्षेत्र में एडजस्टमेंट के नाम पर कुछ वृद्धि होगी। इनमें रजमन, विनय नगर सेक्टर-4,चौबीस बीघा, हनुमान बांध,आदर्श मिल रोड, बेलदारपुरा, पाटनकर का बाड़ा, नवग्रह कॉलोनी, पिछाड़ी ड्योढ़ी, माधौगंज मुख्य मार्ग शामिल हैं।

नए नियम बन चुके हैं पर निर्देश नहीं मिले हैं


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