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इस साल बढ़ सकते हैं आम के दाम

Gwalior News - उत्तर-पूर्वी राज्यों समेत प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में आेलावृष्टि होने से फसलों को हुआ नुकसान एग्रो भास्कर |...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:40 AM IST
इस साल बढ़ सकते हैं आम के दाम
उत्तर-पूर्वी राज्यों समेत प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में आेलावृष्टि होने से फसलों को हुआ नुकसान

एग्रो भास्कर | खंडवा

इस साल आम के दाम ऊंचे रहने के आसार है। इसका कारण प्रतिकूल मौसम को माना जा रहा है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में पहले गर्मी फिर ठंड उसके बाद बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से आम को काफी नुकसान हुआ है। आम के बौर आने के खास समय जनवरी-फरवरी में मौसम गर्म था, इसके बाद मौसम ठंडा हो गया है। आम की अगेती फसल तोड़े जाने से पहले उत्तर-पूर्वी राज्यों समेत प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में आेलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान हुआ है।

अाम के सीजन की शुरुआत अल्फांसो किस्म के साथ शुरू हुई है। इसकी मॉडल कीमत शुरुआत में 18 रुपए प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 30 रुपए प्रतिकिलो पहुंच गई है। हालांकि इसमें दाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गिरकर 14 रुपए प्रति किलो आ गए हैं, लेकिन अब बढ़कर 20 रुपए प्रतिकिलो पर आ गया है। खुदरा बाजार में केसर 100 रुपए प्रति किलो बिक रहा है जो पिछले साल से 30-40 फीसदी तक महंगा है। हालांकि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने जनवरी-2018 में जारी अपने पहले अग्रिम अनुमान में कहा था कि इस सीजन में देश में आम का उत्पादन 5 फीसदी बढ़कर 207 लाख टन रहेगा जो पिछले साल 195 लाख टन था। हालांकि अखिल भारतीय आम उत्पादक संघ का कहना है अगले दो महीनों के दौरान मौसम की स्थितियां आम के उत्पादन के लिए अहम होगी। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने इस सीजन में आम का निर्यात बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा प्रचार कार्यक्रम शुरू किया है। परंपरागत बाजारों के अलावा चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, और ईरान में भारत का बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान देेने के लिए अधिकारी तैनात किए हैं। भारत मुख्य रूप से दशहरी, बादामी, हापुस, सफेदा और ताेतापरी का निर्यात करता है।

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