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सिर्फ चार घंटे मिल रही बिजली, फ्रिज में रखी नवजातों की वैक्सीन, दवाइयां हो रहीं खराब

बिजली कटौती से शासकीय योजनाओं के ऑनलाइन कार्य भी नहीं हो रहे समय पर पूरे भास्कर संवाददाता | पोहरी पोहरी से 5...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:50 AM IST

सिर्फ चार घंटे मिल रही बिजली, फ्रिज में रखी नवजातों की वैक्सीन, दवाइयां हो रहीं खराब
बिजली कटौती से शासकीय योजनाओं के ऑनलाइन कार्य भी नहीं हो रहे समय पर पूरे

भास्कर संवाददाता | पोहरी

पोहरी से 5 किमी दूर स्थित चकराना रोड पर बनी 30 30 बिस्तरीय अस्पताल बिजली संकट से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लाइन शहरी फीडर से न जोड़ी होकर ग्रामीण चकराना फीडर से जुड़ी हुई है जिससे चलते अस्पताल में 18 से 20 घंटे तक की अघोषित कटौती हो रही है। जिससे न केवल अस्पताल में मरीज मूलभूत सुविधाओं से वंचित बने हुए हैं। वहीं भीषण गर्मी से मरीज सहित प्रसूताएं महिलाएं बेहाल हो रहीं हैं। खास बात यह है कि ज्यादा अघोषित कटौती होने से स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखी नवजात शिशुओं के वैक्सीन टीके सहित अन्य दवाइयां खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। यदि यही स्थिति रही तो फ्रीजर की वैक्सीन व दवाइयां खराब हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के नवजात शिशुओं को प्रमुख टीके नहीं लग पाएंगे।

ग्रामीण फीडर से लाइन होने के कारण हो रही है परेशान : क्षेत्र के एक मात्र सबसे बड़े शासकीय अस्पताल में अघोषित कटौती होने से मरीज व स्टाफ परेशान बना हुआ है। स्टाफ के कर्मचारियों को कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लाइन शहरी अस्पताल से न होकर ग्रामीण के चकराना फीडर से जुड़ी होने के कारण यहां ज्यादा बिजली कटौती होती है। जिसके चलते अस्पताल में महज 4 से 5 घंटे बिजली बमुश्किल मिल पाती है। यदि शहरी केंद्र से लाइन को जोड़ दिया गया तो पर्याप्त बिजली मिलने लगेगी।

18 से 20 घंटे की रहती है अघोषित कटौती

भीषण गर्मी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे में 18 से 20 घंटे की बिजली कटौती मरीजों व प्रसूता महिलाओं के लिए परेशानी बनी हुई है। इतना ही नहीं बिजली ज्यादा गुल रहने से अस्पताल के फ्रीजर में रखे वैक्सीन सहित अन्य दवाइयां भी खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं शासन की योजनाएं भी लाइट नहीं होने से ऑनलाइन नहीं हो पा रही हैं।

पोषण पुनर्वास केंद्र के गंभीर मरीजों को खतरा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती अति कुपोषित व गंभीर मरीजों के लिए बिजली गुल होना जान का खतरा बनी हुई है। यहां वैसे ही कुपोषित व गंभीर मरीज अपने जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में बिजली गुल होकर गर्मी सहित उन्हें मिलने वाला पोषण आहार खराब हो रहा है। जिससे उनकी जान पर बनी हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार कर दिया है

पूर्व में भी इस समस्या के लिए पत्राचार कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। साथ ही बिजली कंपनी के अधिकारियों को भी कई बार शिकायत दर्ज कराई है। दोनों विभागों के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र को शहरी फीडर से जोड़ने के लिए 12 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाकर दे दिया है। लेकिन शासन से हमारा एस्टीमेट स्वीकृत नहीं किया गया है। डॉ. सुनील गुप्ता, बीएमओ पोहरी

एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है

अस्पताल की बिजली को शहरी फीडर से जोड़ने के लिए 12 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाकर हमने अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया है, यदि इसकी स्वीकृत होकर हमारे विभाग को आती है तो शीघ्र ही शहरी फीडर से अस्पताल को जोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। नरोत्तम जाटव, जेई बिजली कंपनी पोहरी

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