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10 साल में भी नहीं बना कुम्हरिया छेवलारी का शाला भवन

कस्बे से सात किलोमीटर दूर ग्राम कुम्हरिया छेवलारी में दस साल पहले सर्व शिक्षा अभियान के तहत शाला भवन बनाने के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 05:40 AM IST

10 साल में भी नहीं बना कुम्हरिया छेवलारी का शाला भवन
कस्बे से सात किलोमीटर दूर ग्राम कुम्हरिया छेवलारी में दस साल पहले सर्व शिक्षा अभियान के तहत शाला भवन बनाने के लिए बजट स्वीकृत हुआ था। शाला भवन के निर्माण में शिक्षा विभाग ने रुचि नहीं दिखाई। बच्चों को जर्जर भवन में बैठकर अपना भविष्य बनाने के लिए विवश होना पड़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी भवन निर्माण को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं भवन निर्माण को लेकर स्कूल प्रबंधक ने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया है।

सिमिरिया ग्राम पंचायत के तहत आने वाले गांव की आबादी तीन हजार के अधिक है। छह दशक पहले गांव के बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए यहां एक कमरे व एक बरामदे का स्कूल भवन बना था। पचास साठ साल पुराना भवन वर्तमान में जर्जर हो चुका है। वहीं 10 साल पहले सर्व शिक्षा अभियान के तहत शाला भवन बनाने के लिए 3 लाख स्वीकृत हुए। वहीं निर्माण के लिए पालक शिक्षक संघ एवं शाला प्रबंधन समिति को एजेंसी बनाया गया। पालक शिक्षक संघ से जुड़े गुरुजन गांव की नेतागिरी के चक्कर में निर्माण कार्य शुरू भी नही करवा सके।

क्योंकि निर्माण कार्य की मुख्य बाधा स्कूल भवन के लिए भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना थी। इसी लाचारी के कारण एक दशक तक स्कूल भवन का निर्माण अधर में लटका रहा अब निर्माण की जिम्मेदारी विभाग ने ग्राम पंचयतों को दे दी है। गांव की महिला सरपंच मंजू कप्तान सिंह दांगी शाला भवन के निर्माण की दिशा में रुचि भी दिखा रही हैं, लेकिन सर्वशिक्षा अभियान का अमला निर्माण की लागत में हुई वृद्धि के मुताबिक बजट मुहैया नहीं करा रहा है। इस कारण गांववासियों का शाला भवन के निर्माण का सपना पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है

कुम्हरिया का शाला भवन जर्जर हालत में।

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