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ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस छोड़ना दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का राजनीतिक आतंकवाद है: बिट्‌टा

एक वर्ष पहले
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आतंकवाद विरोधी मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा। - Dainik Bhaskar
आतंकवाद विरोधी मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा।
  • पीतांबरा पहुंचे आतंकवाद विरोधी मोर्चा अध्यक्ष बिट्‌टा, कहा- एक समय ऐसा आएगा जब कांग्रेस अपनी निशानी ढूंढती फिरेगी

दतिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने के लिए मजबूर करने वाले और कोई नहीं बल्कि कांग्रेस के ही कमलनाथ और दिग्विजय सिंह हैं। यह सब दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का राजनीतिक आतंकवाद है। मैंने युवा अवस्था में कांग्रेस को इसलिए छोड़ कर सामाजिक कार्य शुरू किया था कि कांग्रेस में युवाओं की बात को कोई नहीं सुनता है। युवाओं की आवाज को पूर्णतः दबाई जाती है। एक दिन ऐसा भी आएगा जब कांग्रेस पार्टी अपनी निशानी ढ़ूढ़ती दिखाई देगी। इतिहास के पन्नों में कांग्रेस दफन होकर रह जाएगी। यह बात बुधवार को श्री पीतांबरा पीठ पहुंचे आतंकवाद विरोधी मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।


उन्होंने कहा- एमपी में कांग्रेस सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं के कारण पुनर्जीवित हुई थी लेकिन आज अपमान से आहत ज्योतिरादित्य सिंधिया को भागना पड़ा। सियासी नेता प्रायोजित ढंग से सिंधिया की तस्वीरों में जूते मार रहे हैं। गद्दार कह रहे हैं, जबकि देश का गद्दार दिग्विजय सिंह है जो आजादी के नारे लगवा रहा है। दिग्विजय सिंह ने भगवा आतंकवाद जैसे शब्द दिए हैं। बिट्‌टा ने मप्र कांग्रेस पर सीधा बार करते हुए कहा, यहां के कांग्रेसी देश और विकास की बात नहीं करते हैं। यहां कांग्रेस घरानों में बंटी है और देश की जगह घरानों की जयजयकार होती है। बिट्टा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को युवाओं को अच्छा लीडर बताया।


उन्होंने कहा सिर्फ सिंधिया वंदेमातरम के नारे लगाते हैं। यह लीडर कांग्रेस ने खो दिया। यही बजह से कि आज युवा नेता प्रदेश में इस्तीफा पर इस्तीफा दे रहे हैं। कांग्रेस में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जो गंदी सियासत चल रही है उसके कारण निशानी तक बचाना मुश्किल होगी। इससे पहले बिट्‌टा ने मां पीतांबरा के दर्शन किए। इसके बाद वापस रवाना हो गए।

कौन हैं एमएस बिट्‌टा

  • मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को जिंदा शहीद कहा जाता है। उन्हें सरकार ने जीवनभर जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की है। उनके ऊपर फिल्म भी बन रही है। वे युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। गौरतलब है कि जब 1992 में अमृतसर में एक ब्लास्ट में 13 लोग मारे गए थे तब बिट्टा ने अपना एक पैर खो गया था। इसके अलावा मनिंदरजीत सिंह बिट्टा पर नई दिल्ली में भी जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें उनके बॉडीगार्ड की मौत हो गई थी। उन पर खालिस्तानी आतंकवादियों ने जानलेवा हमला किया था।
  • एमएस बिट्टा अब राजनीति छोड़ चुके हैं और वह अब कारगिल युद्ध और भारतीय संसद पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों की देखभाल का जिम्मा उठाए हुए हैl एमएस बिट्टा को सरकार की ओर से आजीवन जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है। मनिंदर सिंह बिट्टा पंजाब सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन पर हमला करने वाले आतंकवादी देविंदर पाल सिंह भुल्लर को सर्वोच्च न्यायालय ने दोषी पाया था और उसे फांसी की सजा सुनाई थी। सरकार की देरी के चलते सर्वोच्च न्यायालय ने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया है। मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने देश को खालिस्तानी आतंकवादियों के बारे में सचेत करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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