मॉब लिंचिंग / बच्चा चोरी करने के शक में बाबा सहित तीन को भीड़ ने जमकर पीटा, पुलिस पहुंच गई वरना उन्हें जान से मार देते



Mob Lynching in MP
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Mob Lynching in MP

  • कुलैथ के मंदिर में झाड़-फूंक करने अपने दो साथियों के साथ जा रहा था किन्नर सखी बाबा
  • मॉब लिंचिंग की इस घटना के बाद एसपी नवनीत भसीन ने एडवायजरी भी जारी की 

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2019, 03:47 PM IST

ग्वालियर। ग्वालियर शहर के बाहरी क्षेत्र शंकरपुर में बुधवार को झाड़फूंक करने वाले एक बाबा और उसके दो साथी मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए। पैदल जा रहे इऩ तीनों को बाइक सवार दो युवकों ने अचानक घेर लिया और बच्चा चोरी करने के संदेह में शोर मचाते हुए मारपीट शुरू कर दी।

 

चंद मिनटों में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और तीनों पर टूट पड़ी। उन्हें बुरी तरह लात-घूंसों से पीटा। गनीमत रही कि बहोड़ापुर थाने के दो सिपाही कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए। उन्होंने भीड़ के हाथों पिट रहे तीनों लोगों को बचाने की कोशिश की तो भीड़ उन पर ही हावी होने लगी। इस पर उन्होंने बहोड़ापुर थाने से और फोर्स बुला लिया। भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचने पर भीड़ तितर-बितर हुई और तीनों को बचाया जा सका। अगर पुलिस दस मिनट देर से पहुंचती तो शायद तीनाें की जान तक जा सकती थी। 


कुलैथ निवासी किन्नर पायल उर्फ सखी बाबा साधु बनकर गांव में ही बने एक आश्रम में रहता है। वह झाड़-फूंक भी करता है। इसके चलते उसे सब सखी बाबा कहते हैं। पिछले कुछ समय से उसके साथ झांसी के दीपक खटीक और रिंकू खटीक भी रहने लगे हैं। यह दोनों सखी बाबा को अपना गुरु बताते हैं। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे यह तीनों शंकरपुर पहाड़ी के पीछे पैदल-पैदल जा रहे थे। वे यहां एक मंदिर पर आए थे। इसी दौरान बाइक पर सवार शंकरपुर निवासी सलमान उर्फ बंटी खान और करण राजपूत वहां आ गए। 

 

दोनों ने बाइक से उतरते ही यह कहकर तीनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बाबा के सिर, नाक और पीठ में चोट आई है। तभी किसी ने पुलिस को सूचना दी तो बहोड़ापुर थाने की एफआरवी से सिपाही जयपाल यादव और सुशील शर्मा पहुंचे। इन दोनों ने हस्तक्षेप किया तो लोगों ने इनके साथ झूमाझटकी कर दी। जब भीड़ सिपाहियों पर भी हावी होने लगी तो उन्होंने अपने मोबाइल से सभी की वीडियो रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दी। यह देखकर भीड़ छट गई। सिपाहियों ने तीनों को पीछे छिपा लिया और मोबाइल से टीआई बहोड़ापुर वायएस तोमर को कॉल किया। कुछ ही देर में थाने से और फोर्स पहुंच गया।

 

हम तो मंदिर से आ रहे थे। यहां कुछ लोग इलाज के लिए आए थे। हम पैदल-पैदल जा रहे थे, पीछे से बाइक आई। बाइक पर बैठे युवकों ने आते ही मुझे देखकर कहा कि यही बाबा वीडियो में दिख रहा है। इसके बाद मारपीट शुरू कर दी। दीपक और रिंकू खटीक ने रोका तो उनके साथ मारपीट करने लगे। हमें बच्चा चोर समझकर भीड़ ने मारना शुरू कर दिया। कोई सुनने को तैयार नहीं था। पत्थर, लाठी, लात-घूंसे मारे। अगर दस मिनट पुलिस और न आती तो हमारी जान चली जाती। कोई हमें बचाने नहीं आया, बल्कि सब लोग हमारी वीडियो बनाने में लगे हुए थे।

पायल उर्फ सखी बाबा, पीड़ित

पुलिस की एडवायजरी 

  • पुलिस के मुताबिक ऐसा कोई गिरोह ग्वालियर में सक्रिय नहीं है, जो बच्चे चोरी करता हो। जो वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, वह काफी पुराने हैं और ग्वालियर से इन वीडियो का कोई संबंध नहीं है। 
  • अगर कोई इस तरह की अफवाह उड़ाता है तो कतई ध्यान न दें और पुलिस को 7049110100 पर सूचना दें। 
  • कोई भी संदिग्ध दिखे तो उसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन पर दें। 
  • सोशल मीडिया पर ऐसी कोई पोस्ट न करें, साथ ही ऐसी कोई वीडियो शेयर न करें।

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