मध्यप्रदेश / मैगी नूडल्स में मिला मोनो साेडियम ग्लूटामेट, नेस्ले, सीएंडएफ और डीलर पर 20 लाख का जुर्माना



Monge gets sodium glutamate in Maggi, fined 2 million
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Monge gets sodium glutamate in Maggi, fined 2 million

  • मुरैना में एडीएम कोर्ट का फैसला, भारत सरकार से मैगी नूूडल्स का लाइसेंस रिन्युवल न करने काे भी कहा
  • 3 जून 2015 को खाद्य विभाग की टीम ने अंबाह की प्रभु एजेंसी से मैगी नूडल्स के सैंपल लिए थे
  • मोनो साेडियम ग्लूटामेट से हाई ब्‍लड प्रेशर, दिल का दौरा और दूसरे तरह के खतरे भी बढ़ जाते हैं

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 08:42 PM IST

मुरैना. मैगी नूडल्स में मोनो साेडियम ग्लूटामेट नामक केमिकल (एमएसजी) की मिलावट पाए जाने पर एडीएम एसके मिश्रा की कोर्ट ने शनिवार को नेस्ले इंडिया लिमिटेड समेत सीएंडएफ व डीलर पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने भारत सरकार को लिखा है कि जनहित में मैगी नूडल्स का लाइसेंस रिन्युवल नहीं किया जाए।

 

उल्लेखनीय है कि 3 जून 2015 को खाद्य विभाग की टीम ने अंबाह की प्रभु एजेंसी से मैगी नूडल्स के सैंपल लिए थे। स्टेट लैब में जांच के बाद पता चला कि नूडल्स में एमएसजी मिला हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। बाद में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता ने एडीएम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की।

 

बताया कि नेस्ले कंपनी ने मैगी के पैकेट्स पर एमएसजी का जिक्र नहीं किया है। अभियोजन के दौरान प्रभु एजेंसी के संचालक डालचंद गुप्ता ने दलील दी कि वह तो खुदरा बिक्री के लिए ग्वालियर से मैगी नूडल्स लाते हैं। कार्रवाई डीलर, सीएंडएफ से लेकर निर्माता कंपनी पर की जाए।

 

इस आधार पर अभियोजन पक्ष ने इस मामले में नेस्ले इंडिया लिमिटेड उत्तराखंड, धर्मेन्द्र हंसराज कोटक सेल्स मैनेजर नई दिल्ली, डेन्जिल बी लोबो सेल्स मैनेजर इंदौर व अजय खंडेलवाल ग्वालियर को भी आरोपी बना लिया। शनिवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान एडीएम एसके मिश्रा ने पांचों पार्टियों पर 20 लाख रुपए का जुर्माना किया है। 

 

एमएसजी से हार्ट अटैक, किडनी इंफेक्शन का खतरा

जीवाजी विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डीडी अग्रवाल के मुताबिक एमएसजी अमीनो एसिड से निकलने वाला तत्व है। इसका इस्तेमाल भोजन को अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसका जरा भी इस्तेमाल शरीर के लिए खतरनाक होता है। सोडियम ग्‍लूटामेट खाने से अड्रीनल ग्‍लैंड (किडनी के ऊपर स्थित ग्रंथी) सही से अपना काम नहीं कर पाती है। इसके अलवा हाई ब्‍लड प्रेशर, दिल का दौरा और दूसरे तरह के खतरे भी बढ़ जाते हैं।

 

नेस्ले इंडिया ने कहा कि एमएसजी को शामिल नहीं करते
नेस्ले इंडिया ने कहा है कि हमें इस बात का खेद है कि प्रथम स्तर के सहायक अधिकारी के इस निर्णय से हमारे उपभोक्ताओं में निराशा हुई है। हम उन्हें आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम निर्माण प्रक्रिया के किसी भी चरण के रूप में एमएसजी शामिल नहीं करते हैं। यह मामला कई साल पुराना है।

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