तिघरा के लीकेज ढूंढ़कर बंद करने के लिए 17.54 करोड़ मंजूर
तिघरा जलाशय के लीकेज बंद करने के लिए शासन ने 17.54 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है। जल संसाधन विभाग जल्द ही जलाशय के लीकेज को सुधारने के लिए टेंडर प्रक्रिया करेगा। इसके बाद लीकेज को सुधारने का काम किया जाएगा। जलाशय के लीकेज बंद करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक टोमोग्राफी का उपयोग किया जाएगा। जलाशय में लीकेज के कारण हर दिन दो एमसीएफटी यानी साढ़े पांच करोड़ लीटर से ज्यादा पानी सांक नदी में बह जाता है। यदि लीकेज बंद कर दिए गए तो जलाशय में एक महीने से ज्यादा का अतिरिक्त पानी बचाया जा सकेगा। इधर, नगर निगम के अधिकारी तिघरा जलाशय को भरने के लिए चंबल नदी के प्रोजेक्ट में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उनकी सोच है कि तिघरा जलाशय के लीकेज सुधर जाने के बाद अतिरिक्त पानी जलाशय में सुरक्षित बना रहेगा।
नगर निगम ने तिघरा जलाशय को भरने के लिए चंबल नदी से पानी लाने का प्रोजेक्ट बनाया था। 398 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए निगम को ऋण देना भी तय हो गया था। वन विभाग सहित अन्य विभागों की अनुमतियों के चक्कर में प्रोजेक्ट को निगम के अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। दिल्ली में 16 मार्च को एनसीआर बोर्ड की बैठक होने जा रही है। इसमें शामिल होने के लिए पीएचई के इंजीनियर जाएंगे। वे तिघरा जलाशय पर ही अपना फोकस कर बोर्ड के अधिकारियों को जानकारी देंगे। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री राजेश चतुर्वेदी का कहना है कि तिघरा जलाशय के लीकेज के सुधारने के लिए 17.54 करोड़ रुपए स्वीकृत हो गए हैं। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया करेंगे।
ऐसे करेंगे लीकेज बंद
जल संसाधन विभाग जिस कंपनी को जिम्मेदारी देगा, वह आधुनिक यंत्र और मशीनों के माध्यम से लीकेज को बंद करने का काम करेगी। इसमें पानी के अंदर यंत्रों के माध्यम से रोशनी डालकर लीकेज का पता करेंगे। यह काम टोमोग्राफी के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद जलाशय के अंदर के लीकेज को बंद करने का काम होगा। जलाशय की दीवार से निकल रहे पानी को रोकने के लिए ड्रिलिंग और ग्राउंडिंग का उपयोग किया जाएगा।
नौ साल पहले लीकेज ठीक हुए थे: जल संसाधन विभाग ने नौ साल पहले तिघरा जलाशय के लीकेज को ठीक करने का काम किया था। उस वक्त ड्रिलिंग और ग्राउंडिंग की मदद से लीकेज सुधारे गए थे। अब टोमोग्राफी का उपयोग कर पानी के अंदर के लीकेज पता किए जाएंगे।
तिघरा बांध के गेट में लीकेज से बहता पानी। (फाइल फोटो)