85 साल के डॉ.गोहदकर ने सुनाई फाल्गुनी बंदिशें
musical event
आज खेलो श्याम संग होली... बंदिश की प्रस्तुति दी
संगीत सभा में ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायक डॉ. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर ने गायन की प्रस्तुति दी। डॉ. गोहदकर पिछले कई दिनों से बीमार होने के कारण गाने से दूरियां बना ली थी। संगीत सभा में उन्होंने एक के बाद एक होली की बंदिशें सुनाकर माहौल में फगुनाई रंगत घोल दी। राग काफी के सुरों में पगी और दीपचंदी के ठेके में बंधी बंदिश-\\\"हो बृजराज दुलारे...\\\'और \\\"आज खेलो श्याम संग होली...\\\' और \\\"जिन डारो रंग मानो गिरधारी...\\\' को तीन ताल में प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर मनीष करवड़े और हारमोनियम पर महेशदत्त पांडे ने संगत की।
पहले मेल-मिलाप के लिए होती थी शहर में संगीत सभाएं
कार्यक्रम में डॉ. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर ने कहा पहले और आज के दौर में काफी अंतर आया है। करीब 50 साल पहले ग्वालियर में संगीत का ऐसा माहौल था कि घर-घर में सुर-साज की बैठकें होती थीं। उस समय मेरी उम्र 8 वर्ष की रही होगी। तब भाऊ साहब यानि कुंडल गुरु मेरी अंगुली पकड़कर अपने साथ चतुर संगीत विद्यालय में ले जाते थे। वह गाना सिखाते थे और फिर वापस घर छोड़ते थे। संगीत की ये बैठकें इसलिए खास थी कि एक तो गाने-बजाने वाले कलाकारों को परस्पर मेल-मिलाप हो जाता। साथ ही एक-दूसरे का गायन-वादन सुनकर कई नई चीजें सुनने समझने को मिलती थीं। उस समय ये बैठकें रियाज का भी खास जरिया हुआ करती थीं। कालांतर में संगीत की बैठकों का दौर सीमित होते-होते सिमट गया। अब अरसे से टूट चुकी यह परंपरा खुद को दोहरा रही है। पं. बालाभाऊ उमड़ेकर (कुंडलगुरु) के पुत्र और सितार वादक श्रीराम उमड़ेकर ने शहर में संगीत का माहौल पुनर्स्थापित करने के लिए यह पहल की है।
संगीत के शहर ग्वालियर में हर त्योहार से पहले संगीत सभा की परंपरा पहले कायम थी, लेकिन अब यह देखने को नहीं मिलती है। इस परंपरा को पुन: स्थापित करने के लिए होली की पूर्व संध्या पर सोमवार को संगीत सभा का आयोजन किया गया। संगीत साधक कुंडलगुरू के घर पर यह संगीत सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में 85 साल के डॉ. प्रभाकर गोहदकर ने फरमाइश पर फाल्गुनी बंदिशों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में शहर के युवा कलाकार भरत नायक ने राग बागेश्री में सितार वादन की प्रस्तुति दी। सभा में पं. उमेश कंपूवाले, अनंत महाजनी, संजय देवले, डॉ. रंजना टोणपे, साधना गोरे, श्रीकांत कुलकर्णी और अशोक आनंद सहित बड़ी संख्या श्रोता मौजूद रहे।
ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायक डॉ. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर प्रस्तुति दते हुए।