90 दिन सेना जैसी ट्रेनिंग, कल देश को मिलेंगी 144 एएनओ
ota training
काेर्स में होते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रम
11 हजार ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान राइफल चलातीं ट्रेनी एएनओ।
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनी एएनओ में एकता का भाव लाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आईं महिला ट्रेनी अलग-अलग राज्यों की संस्कृति के बारे में जानती हैं और फिर उसकी प्रस्तुति देती हैं। साथ ही उस राज्य के बारे में अन्य ट्रेनी को जानकारी दी जाती है।
90 दिन सेना जैसा प्रशिक्षण, राइफल चलाने से लेकर ड्रिल, मैप रीडिंग और अनुशासन में रहना सीखना। इस कड़े प्रशिक्षण के बाद देश को 144 एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (एएनओ) मिलने जा रही हैं। देश की एकमात्र महिला अफसर प्रशिक्षण अकादमी में 14 मार्च को दीक्षांत परेड होने जा रही है। इसमें देशभर से आईं 144 ट्रेनी एएनओ कमीशन प्राप्त करेंगी।
ट्रेनीज ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल जाती है। इसमें उन्हें ऐसा प्रशिक्षण दिया जाता है कि जरूरत पड़ने पर वह भी दुश्मनों का सामना कर सकती हैं। अब वे इसका लाभ अपने-अपने कॉलेजों में विद्यार्थियों को देंगी। ओटीए के कर्नल एसके सोनी ने बताया कि दीक्षांत परेड में ट्रेनी एएनओ के परिजन भी शामिल होंगे।
एनसीसी महिला अफसर प्रशिक्षण के लिए देश में ग्वालियर में ही एकमात्र प्रशिक्षण अकादमी है। इसमें देशभर से चयनित ट्रेनी एएनओ प्रशिक्षण लेने के बाद कमीशन प्राप्त करती हैं। ओटीए में पहला कोर्स 12 अप्रैल से 11 जुलाई 1965 तक चला था। इसमें सीनियर विंग की 45 और जूनियर विंग की 43 महिलाएं शामिल हुई थीं। अब इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक 11 हजार ट्रेनी एएनओ प्रशिक्षण ले चुकी हैं।