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जीवन की एक छोटी सी भूल कभी-कभी सदियों की सजा बन जाती है : मुनिश्री

एक वर्ष पहले
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एक छोटी-सी भूल कभी-कभी सदियों की सजा बन जाती है। इसलिए हमें जीवन को सही और व्यवस्थित तरीके से जीना चाहिए। जिन मां-बाप ने हमें खून दिया उन्हें बुढ़ापे में खून के आंसू बहाने पर मजबूर करना कायरता है। हमें जीवन में उपयोगिता के बदले उपयोगिता, भावना के बदले भावना चाहिए। लेकिन कर्तव्य के बदले कुछ नहीं लेना चाहिए। कर्तव्य निःस्वार्थ भावना से करना चाहिए।यह बात मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने रविवार को लोहमंडी स्थित दिगंबर जैन लाला गोकुलचंद जैसवाल पंचायती मदिर में कही। इस अवसर पर मुनिश्री विजयेश सागर महाराज अौर क्षुल्लक विश्वोत्तर महाराज मौजूद थे।

मुनिश्री ने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने खून से हमें बड़ा किया उनके लिए खून बहा देना मानवता है। असहाय जीवों का खून बहाना हिंसा और अमानवीयता है। हमें कर्तव्यनिष्ठ होकर जीवन जीना चाहिए। कर्तव्य के पालन में तर्क नहीं समर्पण की जरूरत पड़ती है। जो मनुष्य सुखी, स्वाभिमान अौर सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए ये सूत्र अपनाते हैं। उनका जीवन सुखी बन जाता है। वो दूसरों को भी सुख देते हैं। इस मौके पर पदमचंद्र जैन, देवेंद्र जैन, नवरंग जैन, पवन जैन, दिलीप जैन, राहुल जैन आदि मौजूद थे।

श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में अष्टद्रव्य से किया भगवान का पूजन

मुरार स्थित जैन धर्म के सिद्ध क्षेत्र अतिशयकारी जैन मंदिर दीनानाथ की बगीची में चल रहे श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान में रविवार को भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक किया गया। इसके बाद पं. राकेश जैन के मार्गदर्शन में विधान की पूजा-अर्चना की गई। सिद्ध भगवान के गुणों के अष्टद्रव्य के अंतिम 1024 अर्घ्य भक्तिभाव से भगवान जिनेंद्र के चरणों में समर्पित किए गए। इस मौके पर विधानाचार्य पं. राकेश जैन ने कहा कि जैन धर्म व्यक्ति पूजक नहीं, बल्कि गुण पूजक धर्म है। यहां नाम से ज्यादा गुणों की आराधना की जाती है। हम भी भगवान के गुणों को नमन करते हुए अपने भीतर गुणात्मक परिर्वतन ला सकते है।

त्रिशलागिरि पर महिलाअों ने गुलाल और फूलों से खेली होली

राष्ट्रीय विराग भक्तामर महिला मंडल द्वारा रविवार को उरवाई गेट स्थित जैन तीर्थ त्रिशलागिरि परिसर में फागोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुुरुआत में मंगलाचरण से हुई। मंगलाचरण की प्रस्तुति आर्या जैन अौर अर्घम जैन ने दी। महिलाओ ने संगीतमय 48 दीपकों द्वारा भक्तामर जी का पाठ दीप प्रज्वलन कर किया। महिलाअों ने गीतों के दौरान एक दूसरे पर फूल अौर गुलाल उड़ाते हुए होली खेली। कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष ममता जैन, मंजू जैन, आरती जैन, राजकुमारी जैन, सीमा जैन, मानसी जैन, डिंपल जैन, सोनल जैन, मुन्नी जैन, मंजू जैन, मीना जैन आदि मौजूद थीं।

श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में पूजन-अर्चन करते श्रद्धालु।
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