कोरोना के खौफ में फिर की बायोमैट्रिक्स अनिवार्य

Gwalior News - कोरोना के खौफ के बीच अचानक बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस फिर शुरू होने से देशभर में 21 दिन के लाॅकडाउन में जरूरी सामान की...

Mar 27, 2020, 07:16 AM IST
Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe
कोरोना के खौफ के बीच अचानक बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस फिर शुरू होने से देशभर में 21 दिन के लाॅकडाउन में जरूरी सामान की ढुलाई कर रही माल गाड़ियों के पहिये थम सकते हैं। थंब इम्प्रेशन व ब्रीद एनालाइजर के जरिए कहीं कोरोना का इंफेक्शन न हो जाएं, इस डर से माल गाड़ियों के पायलट व गार्ड बहाने बनाकर छुट्‌टी लेकर भाग रहे हैं। झांसी मंडल में अब तक 18 से अिधक पायलट (ट्रेन चालक) छुट्‌टी जा चुके हैं और 20 के आवेदन पेंडिंग हैं। इससे पहले गत छह मार्च को केंद्र सरकार ने इंफेक्शन की संभावना को देखते हुए बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस बंद कर दी थी

रेलवे के लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड जैसे रनिंग स्टाफ को ड्यूटी ऑन और ऑफ करने से पहले ब्रीद एनालाइजर में फूंक मारकर यह सुनिश्चित करना होता है कि उन्होंने शराब का सेवन तो नहीं कर रखा है। इसके अलावा उन्हें बायोमेट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से हाजिरी भी दर्ज करानी होती है। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने गत छह मार्च को आदेश जारी किया था कि कोरोना वायरस से फैल रही महामारी कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए 31 मार्च तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज कराने पर रोक लगा दी थी। ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ रजिस्टर में हाजिरी दर्ज करानी थी। केंद्र सरकार के आदेश के बाद रेलवे में भी यही व्यवस्था लागू हो गई और गत 22 मार्च की रात से यात्री ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई। इससे सिर्फ मालगाड़ियों को मुक्त रखा गया है। ट्रेनों पर रोक के अगले ही दिन 23 मार्च को रेलवे ने आदेश जारी कर दिया कि रेलवे के क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में ब्रीद एनालाइजर टेस्ट और बायोमेट्रिक अटेंडेंस हर हाल में दर्ज कराना सुनिश्चित किया जाए। ग्वालियर में इस सिस्टम के तहत सिर्फ दो सीएमएस मशीनें मिलाकर तीन मशीनों से ब्रीद एनालाइजिंग की व्यवस्था है। इससे कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की संभावना दोगुना हो गई है।

केंद्र सरकार ने देश के हर सरकारी व प्राइवेट संस्थान में बंद करा दी है बायोमेट्रिक अटेंडेंस

सुरक्षा मानकों का ध्यान रख रखे हैं

ब्रीद एनालाइजर और बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश रेलवे बोर्ड का है। हमने सीएमएस मशीन को सैनेटाइज कराया है और लॉबी में भी सैनेटाइजर की व्यवस्था की है। ट्रेन के संचालन में पायलट और गार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण है, इस कारण यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि कहीं उन्होंने शराब का सेवन तो नहीं किया है। यही कारण है कि उन्हें सीएमएस में हाजिरी लगानी है।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस

ब्रीद एनालाइजर

}पहले बायोमेट्रिक अटेंडेंस में छूट का प्रावधान किया, फिर 23 मार्च से कर दिया है अनिवार्य }अब रनिंग स्टाफ को ब्रीद एनालाइजर में भी फूंक मारने के जारी किए आदेश


ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर लगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ब्रीद एनालाइजर मशीन।

बढ़ रही हैं छुट्टी की अर्जियां

रेलवे के ग्वालियर स्टेशन पर वर्तमान में 33 लोको पायलट और 86 असिस्टेंट पायलट हैं। इसी प्रकार 60 गार्ड भी यहां ड्यूटी पर तैनात हैं। रेलवे के पिछले आदेश के बाद इनमें से पांच कर्मचारियों ने छुट्टी की अर्जी दे दी है। वहीं अब धीरे-धीरे अन्य लोग भी छुट्टी की एप्लिकेशन देने के लिए स्टेशन पहुंच रहे हैं। इसका सीधा कारण यह है कि अन्य जोनों में भी इस व्यवस्था का विरोध करने पर सस्पेंशन की कार्रवाई हुई है। इस कारण कर्मचारी कार्रवाई से बचने के लिए छुट्टी लेने लगे हैं।

न मास्क और न ही सैनेटाइजर, रख दिया पानी मिला हैंडवॉश

रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवान और परिचालन स्टाफ ही नजर आ रहा है। आरपीएफ को सिर्फ स्टेशन और रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए सर्कुलेटिंग एरिया तक ड्यूटी देनी है, जबकि ग्वालियर के परिचालन स्टाफ को मालनपुर, गुना सहित अन्य स्टेशनों तक मालगाड़ी लेकर जानी है। इसके अलावा दूरदराज से आ रही मालगाड़ियों में ड्यूटी चेंज कर ग्वालियर का स्टाफ जाता है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए न तो रेलवे की तरफ से मास्क उपलब्ध कराए गए हैं और न ही सैनेटाइजर। हाथ धोने के लिए पानी मिले हैंडवॉश की बोतल रख दी गई है।

‘स्ट्रॉ से मारें मशीन में फूंक’

रेलवे ने संक्रमण से बचाव के लिए व्यवस्था लागू की है कि सीएमएस मशीन में लगे ब्रीद एनालाइजिंग नोजल में प्लास्टिक का स्ट्रॉ डालकर फूंक मारें। चिकित्सकीय विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति या वस्तु से एक मीटर यानी कम से कम तीन फीट की दूरी होना अनिवार्य है, लेकिन यहां सिर्फ छह इंच के स्ट्रॉ को नोजल में डालकर फूंक मारने से सीधे तौर पर संक्रमण का खतरा बना हुआ है। फूंकने के दौरान भी मशीन पर थूक गिरने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा इस स्ट्रॉ को लॉबी में ही डस्टबिन में फेंक दिया जाता है।

Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe
Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe
X
Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe
Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe
Gwalior News - mp news again biometrics is mandatory in corona39s awe

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना