16 अप्रैल तक 97 हजार वोटर होंगे वार्डों में मर्ज
प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की तारीख तय नहीं है, लेकिन नगर निगम चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने जो कार्यक्रम दिया है उसके मुताबिक काम चालू हो चुका है। इसी आधार पर वार्ड स्तर की वोटर लिस्ट का काम तेज हो चुका है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव 16 महीने पहले हुए थे। इस चुनाव में जो वोटर लिस्ट उपयोग की गई थी उसी आधार पर वेंडर ने ऐसे वोटर छांट लिए हैं जिन्होंने पिछले निकाय चुनाव में शामिल नहीं थे। इनकी सूची तैयार कर अधिकतर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को देने का काम भी चालू हो चुका है। बताया जाता है कि निगम चुनाव वर्ष 2014 में हुई थे। इसके बाद सभी 66 वार्ड में 72 हजार 114 लोगों के नए नाम वोटर लिस्ट में जुड़ चुके हैं। इन्हीं क्षेत्रों में 9 हजार 556 वोटरों के नाम अलग-अलग कारणों से काटे भी जा चुके हैं। गली-मोहल्ले बदलने व अन्य कारणों से 15 हजार 833 वोटरों के नाम में पिछले चुनाव की तुलना में संशोधन भी हुआ है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन सूचियों की जांच कर इन्हें वापस वेंडर का सौंपेंगे। इसके बाद शिफ्टिंग संबंधी विवाद निपटाने के लिए सूची सार्वजनिक की जाएगी।
ज्यादा दिक्कत शिफ्टिंग में
अफसरों के सामने सबसे अधिक दिक्कत विधानसभा की सूची के आधार पर वार्ड की सूची में नाम शिफ्ट करने को लेकर है। पिछले चुनाव में इस तरह की कई शिकायतें आईं थी जब कुछ मोहल्ले दूसरे वार्डों में चले गए थे। इसी कारण इस बार भी इस पर अधिक फोकस रखने को कहा गया है। शिफ्टिंग संबंधी विवाद के निराकरण के लिए पहली बैठक कलेक्टर 17 से 20 मार्च के बीच लेंगे। इसके बाद 16 अप्रैल तक सभी विवाद निपटाए जाएंगे।
शहर के सभी 66 वार्ड में 9 दिन जमा होंगे आवेदन
सभी 66 वार्ड में जितने भी आवेदन आएंगे उनका निराकरण 5 मई तक करना है। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इतना होमवर्क होने के बाद जो भी सूची तैयार होगी उसे 26 मई को संबंधित वार्ड में चस्पा किया जाएगा ताकि वोटर अपना नाम देख सके।