माफिया के खिलाफ चलेगी मुहिम, सभ्य समाज में गुंडे नहीं होंगे बर्दाश्त: राजाबाबू

Gwalior News - शहर में पुलिस अब माफिया चिन्हित करते हुए सूची बनाकर उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। माफिया चाहे भूमि का...

Dec 04, 2019, 08:31 AM IST
शहर में पुलिस अब माफिया चिन्हित करते हुए सूची बनाकर उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। माफिया चाहे भूमि का हो या खनिज या नशे का, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सभ्य समाज में गुंडों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बात एडीजी राजाबाबू ने मंगलवार को परमाल तोमर का शॉर्ट एनकाउंटर कर गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम का सम्मान करते हुए कही। कार्यक्रम में एडीजी श्री सिंह ने डीआईजी एके पांडे, एसपी नवनीत भसीन व क्राइम की टीम के कार्य की तारीफ की। एडीजी ने डीआईजी एके पांडे को क्राइम पर मजबूत पकड़ रखने वाला और एसपी नवनीत भसीन को डायनेमिक बताया।

एडीजी राजाबाबू सिंह ने हत्या के अारोपी को पकड़ने वाली टीम को अाउट अाॅफ टर्म के सवाल पर कहा कि बेहतर काम के लिए एसपी यदि एेसा प्रस्ताव देगें तो मैं उसकी अनुशंसा करूंगा। उन्होंने कहा कि एसपी नवनीत भसीन की टीम अपराध नियंत्रण के लिए एएसपी पंकज पांडे के नेतृत्व में टीम बेहतर काम कर रही है। एडीजी ने डीएसपी र|ेश तोमर, टीआई दामोदर गुप्ता, एसआई मनोज परमार, हरेंद्र सिंह, राजीव सोलंकी, दिनेश तोमर, विश्वीर जाट, गुलशन सोनकर, विकास तोमर, नरवीर, योगेंद्र, सुमित, रामवीर, नीरज, भगवती, अभिषेक का फूलमाला पहनाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया।

घौलपुर में विक्रम को मारने का था षड्यंत्र

इधर शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़े गए परमाल तोमर ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने अपने साथियों के साथ धौलपुर में विक्रम राणा की हत्या का षडयंत्र बनाया था। इस षडयंत्र पर वह कुछ ही दिनों में अपने दो साथियों के साथ अमल करने वाला था। पुलिस ने परमाल से मंगलवार की रात अस्पताल में पूछताछ की। अारोपी ने यह भी बताया कि हत्या के लिए उसने दो हथियार सोनू गौतम से खरीदे थे, एक उसे वापस कर दिया। गैंग के साथियों से वह पुलिस से बचने के लिए वाट्सएप कॉल पर बात करता था। वाट्सएप कॉल को रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता अौर इसकी लोकेशन भी पकड़ में नहीं अाती।

खौफ बनाने के लिए हत्या के षडयंत्र के खुलासे, कहां रुके, वाहन कहां, यह याद नहीं: पकड़े गया परमाल तोमर पुलिस के सामने पूछताछ में हत्या के षडयंत्र के खुलासे कर रहा है। उसे यह षडयंत्र याद है लेकिन हत्या में प्रयुक्त वाहन व साथियों के संबंध में कुछ याद नहीं है। समझा जा रहा है कि जेल जाने से पहले बदमाश अपना खौफ बनाने के लिए हत्या के षडयंत्र के खुलासे कर रहा है, जिससे उसके साथी टैरर टैक्स की वसूली कर सकें।

एडीजी राजाबाबू के साथ क्राइम ब्रांच की सम्मानित टीम।

एडीजी ने परमाल का शॉर्ट एनकाउंटर कर गिरफ्तार करने वाली टीम का किया सम्मान

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