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स्टाफ छुट्‌टी पर होने से कंसेशन पास बनना बंद

एक वर्ष पहले
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स्टेशन डायरेक्टर कार्यालय में स्टाफ छुट्‌टी पर जाने से स्पोर्ट्स कंसेशन के पास बनने बंद हो गए हैं। आठ माह पहले यहां पदस्थ कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद उनकी जगह दूसरी नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में एक क्लर्क को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है लेकिन जब भी ये क्लर्क छुट्‌टी पर जाते हैं तो कंसेशन पास का काम रुक जाता है। इस कारण खिलाड़ियों को पूरा किराया चुकाकर टूर्नामेंट खेलने जाना पड़ता है।


लोकाे स्थित स्टेशन डायरेक्टर कार्यालय में पहले सात लोगों का स्टाफ था, लेकिन पिछले एक साल में वहां चार लोग रिटायर हो गए। ऐसे में स्पेशल कोटा, पास और कार्मिक विभाग का काम तीन लोगों पर आ गया है। इनमें से जब भी कोई कर्मचारी छुट्‌टी पर या दूसरी जगह ड्यूटी के लिए जाता है तो कंसेशन पास का काम रोक दिया जाता है। गत दिवस जबलपुर में होने वाली स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शामिल होने वाले 50 खिलाड़ियों का कंसेशन पास बनवाने सीनियर खिलाड़ी नरेंद्र दादौरिया कार्यालय पहुंचे तो उन्हें टालमटोल कर लौटा दिया गया। बाद में पता चला कि स्टाफ छुट्‌टी पर होने के कारण पास बनना बंद हो गए हैं। पूछताछ में पता चला कि कर्मचारी 12 मार्च को छुट्‌टी से लौटेगा उसके बाद पास बनेंगे लेकिन तब तक ट्रेन में सीटें फुल हो जाएंगी। डीबी स्टार ने जब इस संबंध में रेलवे अफसरों से बात की तो उन्होंने जानकारी लेकर कार्रवाई करने की बात कही। गौरतलब है कि नेशनल या स्टेट टूर्नामेंट में खेलने जाने वाले खिलाड़ियों को रेलवे की ओर से 50 प्रतिशत छूट दी जाती है।

लोकाे स्थित स्टेशन डायरेक्टर कार्यालय।

खिलाड़ी हो रहे हैं परेशान**

खिलाड़ी होंगे परेशान

टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए हमें 24 मार्च को निकलना है। यदि समय रहते रिजर्वेशन नहीं हुए तो सभी खिलाड़ी परेशान होंगे। सबसे ज्यादा परेशानी 12 से 16 आयु के 20 खिलाड़ियों को होगी। यदि कोई स्टाफ छुट्‌टी पर है तो उसकी जगह किसी दूसरे को नियुक्त करना चाहिए।
नरेंद्र दादौरिया, बॉक्सिंग खिलाड़ी

मैं इसकी जानकारी लंूगा

किस कारण से खिलाड़ियों को मना किया गया। उनका कंसेशन का पास क्यों नहीं बन पाया। इस बारे में जानकारी लूंगा। आगे से कोई परेशान नहीं हो इसकी हम व्यवस्था करेंगे।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल
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