टेंडर होने के 1 माह बाद भी स्वीकृति न मिलने के कारण शुरू नहीं हो पाया निर्माण
41.10 करोड़ से किया जाना है निर्माण कार्य
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के एक माह बाद भी नवीन जिला न्यायालय भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। लोक निर्माण विभाग की पीआईयू इकाई के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 41.10 करोड़ की लागत से ए ब्लाॅक का शेष काम किया जाएगा साथ ही बी ब्लाॅक का निर्माण किया जाएगा। लेकिन टेंडर का अनुमोदन होना शेष रह गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल, कुछ दिन पूर्व हाईकोर्ट के जस्टिस एसए धर्माधिकारी , प्रिंसिपल रजिस्ट्रार नवीन कुमार सक्सेना, रजिस्ट्रार पवन कुमार पटेल, कलेक्टर अनुराग चौधरी नवीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं होने पर पीआईयू के अधिकारियों से जानकारी मांगी गई।
अधिकारियों ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर का अनुमोदन कराने के लिए शासन के पास भेजा जाता है। लगभग एक माह पूर्व यह कार्रवाई भी की जा चुकी है। अनुमोदन होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नवीन जिला न्यायालय भवन के रास्ते के संबंध में भी चर्चा की गई। यहां बता दें कि नवीन जिला न्यायालय भवन के लिए 23 सितंबर 2009 को ग्राम ओहदपुर में वर्क आर्डर जारी हुआ था। लेकिन जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद और फंड की कमी के कारण 12 साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।