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बिना प्रक्रिया के पास हुए बिलों के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं

एक वर्ष पहले
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जेयू में 5 हजार से कम के बिलों में गड़बड़ी की आशंका

जीवाजी यूनिवर्सिटी में विभिन्न कार्यों के लिए 5000 रुपए के कम के बिल पास कराने की प्रक्रिया गड़बड़ी की आशंका के दायरे में आ गई है। वित्त नियंत्रक सगीरा सिद्दीकी ने रजिस्ट्रार आईके मंसूरी को लिखा है कि बिना प्रक्रिया में पास हो रहे इन बिलों में अनियमितता पाई गई तो लेखा विभाग की जिम्मेदारी नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पूर्व वित्त नियंत्रक इन बिलों की भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके थे। लेकिन इसके बावजूद 5 हजार से कम के बिल पास कराने के लिए अब भी लेखा विभाग की टीप नहीं ली जा रही थी। इसको लेकर वित्त नियंत्रक ने पत्र जारी किया है। इस पत्र के बाद जेयू में बिलों ऐसे बिलों की निगरानी बढ़ गई है।

जीवाजी यूनिवर्सिटी में 5 हजार तक के खरीदी के बिल रजिस्ट्रार ऑफिस से पास हो रहे थे। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद लेखा विभाग की टीप के बिना ही बिल पास हो रहे थे। इस बीच कुछ ऐसे बिल भी सामने आए थे जिसमें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी दिखाई दी थी इसके बाद ही वित्त नियंत्रक सगीरा सिद्दीकी ने यह पत्र जारी किया। इसमेें उन्होंने लिखा है कि 5 हजार से कम राशि के भुगतान की पत्रावली सीधे कुलसचिव द्वारा प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति से लेखा विभाग को प्राप्त हो रही है। इसमें लेखा विभाग की टीप नहीं ली जा रही है यह नियमानुसार ठीक नहीं है। इसकी वजह से कोई अनियमितता होती है तो इसकी जिम्मेदारी लेखा विभाग की नहीं होगी।

हां, पत्र जारी किया है

-सगीरा सिद्दीकी, वित्त नियंत्रक, जेयू
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