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जीआरएमसी: सीबीआई की दूसरी चार्जशीट अब तक नहीं आई, कार्रवाई में विलंब

एक वर्ष पहले
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गजराराजा मेडिकल कॉलेज के संदिग्ध छात्रों पर कार्रवाई करने के लिए सीबीआई की एक चार्जशीट तो करीब दो माह पहले मिल गई थी लेकिन अभी दूसरी चार्जशीट नहीं आई है। इस कारण कार्रवाई करने में विलंब हो रहा है। पहली चार्जशीट में संदिग्धों के नाम छांटने का काम अंतिम चरण में है। दूसरी चार्जशीट आने के बाद संदिग्ध छात्रों को बाहर करने की कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज से बाहर करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने सीबीआई द्वारा भेजी गई चार्जशीट में से कोर्ट की अनुमति से पढ़ रहे छात्रों की छंटनी का काम शुरू कर दिया है।

सीबीआई से प्रकरण क्रमांक 449 की चार्जशीट आ गई है। अभी दूसरे प्रकरण क्रमांक 138 की चार्जशीट सीबीआई के भोपाल ऑफिस से आनी है। दोनों चार्जशीट में से उन छात्रों की छंटनी की जाएगी, जिन्हें सीबीआई ने क्लीनचिट दी और जिन्हें दोषी माना है। यह छंटनी होने के बाद कॉलेज प्रबंधन हाई पावर कमेटी की बैठक बुलाकर आगे की कार्रवाई करेगा।

जीअारएमसी के पीएमटी फर्जीवाड़े में शामिल 200 छात्रों की चार्जशीट कोर्ट में पेश में की गई है। इनमें 68 छात्र वे भी शामिल हैं, जो न्यायालय की अनुमति से पढ़ रहे हैं। 55 छात्रों पर जीआरएमसी प्रशासन पहले ही कॉलेज से निष्कासन की कार्रवाई कर चुका है। इसके अलावा कई छात्र पहले ही पढ़ाई करके जा चुके हैं। सीबीआई द्वारा चार्जशीट पेश करने के बाद कॉलेज प्रबंधन को भी सीबीआई ने इसकी जानकारी दी है। सीबीआई ने करीब डेढ़ दर्जन छात्रों को क्लीनचिट भी दी है। सीबीआई द्वारा भेजी गई प्रकरण क्रमांक 449 की चार्जशीट में सत्र 2009 को छाेड़कर सत्र 2006 से लेकर 2010 तक के संदिग्ध छात्रों की जानकारी भेजी है। प्रकरण क्रमांक 138 की चार्जशीट में सत्र 2009 के तीन दर्जन से अधिक संदिग्ध छात्र शामिल हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि सीबीआई के प्रकरण क्रमांक 138 की चार्जशीट आना बाकी है। इसे लेने के लिए कॉलेज की टीम जाएगी।

दो माह से चिकित्सा शिक्षकों को नहीं मिला वेतन

ग्वालियर|जीआरएमसी के 200 चिकित्सा शिक्षकों को पिछले दो माह का वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा कई कर्मचारी हैं, जिन्हें भी वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने का कारण बजट न आना बताया जा रहा है। उधर जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों को एक माह का वेतन नहीं मिला है। यहां भी वेतन मिलने में हो रही देरी का कारण बजट ही है। जीआरएमसी में पदस्थ चिकित्सा शिक्षक और कर्मचारी वेतन नहीं मिलने से परेशान हो रहे हैं। चिकित्सा शिक्षकों को दो माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया, जबकि डिमॉन्स्ट्रेटर को एक माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसे लेकर चिकित्सा शिक्षक नाराज हैं और चिकित्सा शिक्षकों का कहना है कि अगर जल्द ही वेतन नहीं दी गई तो वह अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। दरअसल जीआरएमसी में करीब 200 चिकित्सा शिक्षक और करीब 35 डिमॉन्स्ट्रेटर हैं। इन सभी को वेतन माह के पहले सप्ताह में मिल जाता है, लेकिन चिकित्सा शिक्षकों को जनवरी और फरवरी माह का वेतन ही नहीं मिला है। इसी तरह डिमॉन्स्ट्रेटर को फरवरी माह का वेतन नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं मार्च का आधा माह भी निकल गया है। इसके बाद भी वेतन नहीं दिया जा रहा। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शासन ने वेतन के लिए बजट नहीं दिया है, जिस कारण वेतन के लिए परेशानी हो रही है। वहीं कर्मचारियों की बात की जाए तो उन्हें भी वेतन नहीं मिल पाया है। उधर स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो यहां भी चिकित्सक से लेकर कर्मचारी वेतन के लिए परेशान हैं। प्रभारी डीन डॉ. सरोज कोठारी का कहना है कि वेतन के लिए हस्ताक्षर कर दिए गए हैं, एक-दो दिन में वेतन मिल जाएगा। सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि वेतन जल्द ही दिलाया जाएगा।
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