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ग्वालियर-ओरछा और खजुराहो के लिए बने डायमंड सर्किट गोल्डन ट्राइएंगल से जोड़ा जाए, तब बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या
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महाराज बाड़ा को नो व्हीकल जोन बनाना चाहिए
मलेशिया हाई कमीशन के हाई कमिश्नर दातो हिदायत अब्दुल हमीद ने सिटी रिपोर्टर से चर्चा में कहा कि उन्होंने कई देशों में म्यूजियम देखे हैं, लेकिन जयविलास पैलेस अब तक का सबसे खूबसूरत म्यूजियम है। साथ ही मितावली और पड़ावली ऐसी हेरिटेज साइट्स हैं, जिनकी ब्रांडिंग विश्व स्तर पर होनी चाहिए। हेरिटेज साइट्स के लिहाज से ग्वालियर में पोटेंशियल की कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे आइटिनरी में कैसे शामिल किया जा सकता है। यह प्रयास यहां की सरकार को हमारे साथ मिलकर करना होंगे। ग्वालियर का एक स्थान है महाराज बाड़ा, यहां पर 7 आर्किटेक्चर के जो भवन हैं, वो बेहद खूबसूरत हैं। इस स्थान को पॉल्यूशन फ्री बनाने के लिए नो व्हीकल जोन बनाना होगा।
शहर को यूनेस्को के नेटवर्क से जोड़ना पहली प्राथमिकता
मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक सोनिया मीणा ने कहा कि हमारा प्रयास ग्वालियर को यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल कराना है। इसके लिए चार शहरों के नाम दिए गए थे। इनमें संगीत के लिए ग्वालियर, फूड के लिए इंदौर, लिट्रेचर के लिए भोपाल और आर्ट व कल्चर के लिए चंदेरी शामिल हैं। इसकी स्टडी भी कराई जा चुकी है। इसमें ग्वालियर और इंदौर के शामिल होने की संभावना अधिक है।
ग्वालियर की ब्रांडिंग के लिए और क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
- देहली मैनेजमेंट कंपनी (डीएमसी) जो देश के शहरों की विदेश में ब्रांडिंग करती है और वहां के टूरिस्ट एसोसिएशन को जानकारी देती है। इसके साथ हमने बैठक की है और प्रदेश के हेरिटेज के बारे में बताया है।
प्रदेश में टूरिस्ट अराइवल की क्या स्थिति है।
- पिछले 7 वर्षों की बात करें तो देश और विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पिछले ही साल मप्र में 4 लाख विदेशी और करीब 8 करोड़ देशी पर्यटक आए थे।
ग्वालियर के साथ प्रदेश में देश और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए डायमंड टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। इसमें ग्वालियर, ओरछा और खजुराहो को शामिल किया जाएगा और यह सर्किट देश के गोल्डन ट्राइएंगल यानी दिल्ली, आगरा और जयपुर से जुड़ेगा। यह सर्किट विकसित करने को लेकर एक रिपोर्ट भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को सौंपी जाएगी। यह निष्कर्ष शुक्रवार को होटल ऊषा किरण पैलेस में हुई इंटरनेशनल हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव में निकला। इसमें मुख्य रूप से रिपब्लिक ऑफ तुर्की एंबेसी के राजदूत साकिर ओजकान टोरुनलर, रोमानिया एंबेसी के राजदूत राडु ऑक्टेवियन डोबरे, मलेशिया हाई कमीशन के हाई कमिश्नर दातो हिदायत अब्दुल हमीद और पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की टूरिज्म कमेटी के को-चेयरमैन राजन सहगल मौजूद रहे।
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भारत का 6वां स्थान
कॉन्क्लेव में हेरिटेज टूरिज्म पर एक रिपोर्ट भी जारी हुई। इसमें बताया गया है कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के मामले में भारत 6वें नंबर पर आता है। सबसे अधिक साइट इटली में 53 और भारत में 37 हैं। साथ ही मप्र में हेरिटेज सर्किट के लिए 2016 में 9297 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें ग्वालियर में बैजाताल, बारादरी, इटालियन गार्डन, लक्ष्मीबाई समाधि स्थल, तानसेन म्यूजियम ऑफ म्यूजिक, बटेश्वर, ग्वालियर फोर्ट, मितावली, पड़ावली, ककनमठ शामिल है।
ग्वालियर की ब्रांडिंग के लिए किया प्रयोग
ग्वालियर में इनकी जरूरत
{महाराज बाड़ा 7 आर्किटेक्चर के भवन हैं, यहां पर्यटकों के हिसाब से सुविधा बढ़ाई जाएं।
{कन्वेंशन सेंटर की जरूरत, इसका लाभ पर्यटकों को मिलेगा।
{ग्वालियर फोर्ट व अन्य हेरिटेज साइट पर ट्रेंड टूरिस्ट गाइड की आवश्यकता।
{बड़े ग्रुप के होटल की आवश्यकता, इसके लिए ग्रुप से बात की जाएगी।
{जयविलास म्यूजियम का भ्रमण करते दल के प्रतिनिध
राजन सहगल ने बताया कि हेरिटेज के साथ ग्वालियर का हस्तशिल्प भी खास है। इसलिए 6 महीने पहले 8-8 महिलाओं के दो ग्रुप दिल्ली से ग्वालियर भेजे गए थे। 2 से 3 दिन ग्वालियर रुकने के बाद यह ग्रुप दिल्ली आए और फीडबैक भी सकारात्मक मिला है। वर्ष 2030 में 1.8 बिलियन लोग बतौर टूरिस्ट यात्रा करेंगे और भारत में हेरिटेज टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।
{राजन सहगल, रोमानिया के राडु, मलेशिया के दातो हिदायत और तुर्की के साकिर।