पालकी में निकली भगवान महावीर स्वामी की सवारी
ग्वालियर| मुरार स्थित जैनधर्म के अतिशय क्षेत्र दीनानाथ की बगीची में जैनाचार्य श्री सन्मतिसागर महाराज की प्रेरणा श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन सोमवार को हुआ। इस अवसर पर भगवान जिनेंद्र की पालकी यात्रा निकाली गई। पालकी यात्रा दीनानाथ की बगीची प्रारंभ होकर मुरार स्थित बड़ा जैन मंदिर पहुंची।
भगवान महावीर स्वामी को सौधर्म इंद्र लोकेंद्र जैन ने पालकी में विराजित किया। वहीं यज्ञ नायक एसके जैन, कुबेर इंद्र सुनील जैन, चक्रवर्ती भीकमचंद्र जैन, महेंद्र इंद्र डॉ. अशोक जैन, सनतकुमार इंद्र जीएल जैन अौर ईशान इंद्र राकेश कुमार जैन पालकी को लेकर चल रहे थे। समाज के युवा पालकी यात्रा के आगे गाजे-बाजों के साथ जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भगवान की पालकी के पीछे पीले अौर गुलाबी रंग के परिधानों महिलाएं भजन गाते हुए चल रही थीं। पालकी के आगे बालिकाएं डांडिया नृत्य करते हुए चल रही थीं।
विश्व शांति की कामना से महायज्ञ में दी आहुतियां
पालकी यात्रा से पूर्व दीनानाथ की बगीची में पं. राकेश जैन के मार्गदर्शन में विश्व शांति की कामना से महायज्ञ किया गया। महायज्ञ विधान में इंद्र-इंद्राणियों ने हवन में आहुतियां दी। विधान महोत्सव के समापन प्रवक्ता ललित जैन, ज्ञानेंद्र जैन, अजय जैन, संगीतकार दीपेश जैन, पं. राकेश जैन, सौधर्म यज्ञनायक, एनके जैन का समिति द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर विधानाचार्य पं. राकेश जैन ने कहा कि जैसे वृक्ष को जीवन और मजबूती जड़ से मिलती है। उसी प्रकार मानव की जड़ अौर मजबूती धर्म से मिलती है।