बाजार बंद, फिर भी सड़काें पर कचरा...क्याेंकि सभी घराें से नहीं हाे रहा डाेर-टू-डाेर कलेक्शन

Gwalior News - शहर के 66 वार्डों के घर-घर से लॉकडाउन की अवधि में कचरा कलेक्शन पूरी तरह नहीं हो रहा है। यही कारण है कि शहर की सूनी...

Apr 04, 2020, 07:10 AM IST

शहर के 66 वार्डों के घर-घर से लॉकडाउन की अवधि में कचरा कलेक्शन पूरी तरह नहीं हो रहा है। यही कारण है कि शहर की सूनी पड़ी सड़कों पर आकर लोग कचरा डाल रहे हैं। रोज शहर से 450 टन कचरा उठकर केदारपुर स्थित लैंडफिल साइट पर पहुंचता था। इन दिनाें लॉकडाउन के कारण शहर के बाजार बंद हैं। सड़कों के किनारे लगने वाले ठेले और सब्जी की दुकानाें से हर दिन निकलने वाला 150 टन कचरा नहीं निकल रहा है, तब भी ईको ग्रीन कंपनी और नगर निगम मिलकर पूरी तरह कचरा नहीं उठा पा रहे हैं। यही कारण है कि शहर की कई मुख्य सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि कोरोना प्रकोप के कारण वाहनों के चालक और हेल्पर भी घबरा रहे हैं इसलिए वे कचरा वाहनों को दोपहर 1:30 से 2 बजे की जगह सुबह 11 से 11:30 बजे लाकर कचरा सेंटर पर खड़ा कर देते हैं। इससे पूरा कचरा नहीं उठ पा रहा है।

हालांकि निगम शहर में सड़कों और कॉलोनी-मोहल्लों में पहुंचकर झाड़ू लगवा रहा है। कहीं-कहीं कचरा वाहन भी नियमित पहुंच रहे हैं। इस संकट की घड़ी में एेसे काम करने वालों का लोग स्वागत भी कर रहे हैं। वहीं कई घरों में डोर-टू-डोर वाहन नहीं पहुंचने पर लोग परेशान हो रहे हैं। इधर, नगर निगम ने लॉकडाउन के दौरान स्वीपिंग मशीनों को भी सड़कों की सफाई में दिन के वक्त लगा दिया है। शुक्रवार को थीम रोड पर मशीन सड़क की सफाई करती रही।

पहले की अपेक्षा आधा भी कचरा नहीं फिर भी उठाव कम

डोर-टू-डोर सिस्टम कचरा स्थल तक ही सिमटा

ईको ग्रीन कंपनी और निगम की अनुबंध के अनुसार, 258 कचरा गाड़ी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगी हैं। लेकिन इनमें से हर दिन 20 प्रतिशत वाहन खराब पड़े रहते हैं। शेष वाहनों से कचरा उठाने के लिए लॉकडाउन के चलते सभी चालक नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण से घर-घर से कचरा कलेक्शन पूरी तरह नहीं हो पा रहा है। जो वाहन जाते भी हैं, वह डोर-टू-डोर की जगह कचरे के ढेर तक जाते हैं। वहां से कचरा उठा लिया जाता है।

इस घड़ी में एक्शन लेने से कतरा रहे अधिकारी

लॉकडाउन के दौरान कचरा वाहनों को चलाने वाले चालक और हेल्पर अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। वे कचरा वाहन को कचरा सेंटर पर दो घंटे पहले लाकर खड़ा कर देते हैं। निगम और ईको ग्रीन के अधिकारी उन पर वर्तमान स्थिति में एक्शन लेने से बच रहे हैं।

डर की वजह से चालक और हेल्पर कम आ रहे


जहां कचरा नहीं उठ रहा है वह शिकायत करें


{सिंहपुर रोड: यहां पर नजदीक में हॉकर्स जोन बना है। वह पूरी तरह बंद है। इसके बाद ही सिंहपुर रोड पर कचरे के ढेर पड़ा हुआ था।

{ लाला का बाजार: यहां आसपास के लोगों का कचरा वाहन लेने नहीं पहुंचा। लोगों ने सड़क पर ही कचरा डाल दिया।

{महावीर भवन कंपू मार्ग: निगम की वाहन पार्किंग बन रही है। एक लड़की कनस्तर में कचरा भरकर लाई और सड़क किनारे फेंक गई।

{गांधी रोड मार्ग: परिवहन आयुक्त के बंगले वाले रास्ते पर कचरे का ढेर पड़ा हुआ था। उनमें कुत्ते खाना ढूंढ रहे थे।

लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में लगे कचरे के ढेर। वह भी उस समय जब सफाई की सबसे जरूरी है।

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