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निरस्त दो सवालों से बिगड़ेगा 10वीं के रिजल्ट का गणित**

एक वर्ष पहले
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माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की 10वीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान के पेपर में अाजाद कश्मीर से जुड़े दाे सवाल हटाए गए हैं। मंडल ने इन दाेनाें प्रश्नाें काे निरस्त कर उत्तर पुस्तिकाअाें का मूल्यांकन 90 अंक में करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मंडल के इस फैसले से विद्यार्थी नाराज हैं। विद्यार्थियों ने डीबी स्टार को बताया कि जो दो प्रश्न निरस्त किए गए हैं वह आब्जेक्टिव हैं और उनके उत्तर बेहद सरल हैं। लगभग सभी विद्यार्थी 10 नंबर के इन दोनों प्रश्नों में से 6-10 अंक प्राप्त कर लेते।

निजी स्कूल के प्राचार्य संजय जैन ने बताया, 5-5 नंबर के दोनों प्रश्नों को निरस्त कर दिया गया है इसलिए 100 की बजाय 90 नंबर में से मूल्यांकन होगा। ये सवाल नहीं हटाए जाते तो परीक्षार्थियों को 100 में से न्यूनतम 33 अंक प्राप्त करने होते। अब उन्हें 90 में से कम से कम 25 अंक पर लाने होंगे। यानी 90 में से मिले नंबरों को 100 में कन्वर्ट करने पर परीक्षा परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

विद्यार्थियों और उनके परिजन का कहना है कि दोनों प्रश्नों के केवल दो नंबर वाले आपत्तिजनक अंश को ही निरस्त किया जाए। इससे मूल्यांकन 98 अंकों में से होगा और सभी परीक्षार्थियों को 2 अंक का बोनस दे दिया जाए। इससे किसी भी परीक्षार्थी के रिजल्ट पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा और समस्या का समाधान भी हो जाएगा।

बोर्ड के निर्णय से होगा नुकसान

एमपी बोर्ड के निर्णय से प्रदेशभर के परीक्षार्थियों को नुकसान होगा। सरकार और विभाग को जब आपत्ति है तो उस चैप्टर को कोर्स से क्यों नहीं हटाया गया। कम से कम पेपर सेटर को तो निर्देश दिए ही जा सकते थे कि उक्त चैप्टर से कोई सवाल नहीं पूछे जाएं। 2 अंकों के फेर में पूर्णांक से 10 अंक कम हो गए। सरकार को चाहिए कि 98 अंकों के सवालों का मूल्यांकन कर दो अंक बोनस दे।

प्रिया नामदेव, रोहित बापना, आरती विश्नोई, परीक्षार्थी

दो नंबर के इन दो सवालों पर हुआ बवाल

विद्यार्थियों का कहना है कि पेपर में सही जाेड़ी मिलाइए प्रश्न में एक जोड़ी पर विवाद है। इसमें अाजाद कश्मीर का जिक्र है। इस एक नंबर के उपप्रश्न को निरस्त करना चाहिए था। शेष चार उपप्रश्नों पर विवाद नहीं है। इसलिए इन चार उपप्रश्नों का मूल्यांकन कर नंबर दिए जाएं। इसी तरह एक अन्य प्रश्न में भारत के मानचित्र में अाजाद कश्मीर काे दर्शाने काे कहा गया। एक नंबर के इस उपप्रश्न को भी निरस्त कर दिया जाए। शेष चार उपप्रश्न गैरविवादित हैं। इसलिए इस प्रश्न के चार उपप्रश्नों का मूल्यांकन नंबर दिए जाएं। 10 में से 8 नंबर के सवालों पर कोई विवाद नहीं है। इसलिए इनका मूल्यांकन कर नंबर दिए जाएं।

क्या लिखा है सामाजिक विज्ञान की किताब में : 10वीं के सामाजिक विज्ञान विषय की पुस्तक के 11वें अध्याय में अाजाद कश्मीर के बारे में उल्लेख है। ‘स्वातंत्र्याेत्तर भारत की प्रमुख घटनाएं’ शीर्षक वाले चैप्टर के दूसरे पेज की 23वीं लाइन में अाजाद कश्मीर शब्द का जिक्र हुआ है। यह पूरा वाक्य इस तरह है, पं. नेहरू जनमत संग्रह की अपनी वचनबद्धता का पालन करना चाहते थे, परंतु पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र संघ की शर्ताें का उल्लंघन कर अधिकृत क्षेत्र ‘अाजाद कश्मीर’ से अपनी सेनाएं नहीं हटाईं थीं। इसमें पाक अधिकृत कश्मीर की बजाय अधिकृत क्षेत्र ही लिखा है। हालांकि इसका आशय पाक अधिकृत ही निकलता है।

पेपर सेटर की लापरवाही की सजा परीक्षार्थी क्यों भुगते?

बोर्ड ने पेपर सेट करने वाले रायसेन के शिक्षक नितिन सिंह जाट अाैर माॅडरेटर नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा लेक्चरर रजनीश जैन काे सस्पेंड कर दिया है। लेकिन नाराज परीक्षार्थियों का कहना है कि पेपर सेटर और मॉडरेटर की लापरवाही की सजा परीक्षार्थी क्यों भुगते? सवाल विवादित हैं तो उन्हें कोर्स में शामिल ही क्यों किया गया?

एमपी बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा के सामाजिक विज्ञान के पेपर में विवादित सवाल हटाए जाने से विद्यार्थियों ने रिजल्ट का गणित बिगड़ने का अंदेशा जताया है। विभाग के इस फैसले से मूल्यांकन में विद्यार्थियों को नुकसान होने की आशंका है।

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DB Star
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