साइन लैंग्वेज से बच्चों को कोरोना के खतरों की जानकारी दे रहीं मेघा

2 वर्ष पहले
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ग्वालियर की मेघा तिवारी उज्जैन में रहकर फेसबुक लाइव व वॉट्सएप के माध्यम से स्पेशल साइन लैंग्वेज के जरिए मूक बधिर बच्चों को कोरोना महामारी के खतरों से बचने का तरीका बता रही हैं। ग्वालियर के 400 मूक-बधिर बच्चे मेघा के इशारों से एक पल में समझ लेते हंै। मेघा समय-समय पर प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को भी स्पेशल साइन लैंग्वेज से मूक-बधिर बच्चों तक पहुंचाती हैं। मेघा की बात समझकर ये बच्चे सोशल डिस्टेंस और लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं।

उज्जैन में रहती हैं मेघा: मेघा ग्वालियर के मूक-बधिर दम्पत्ति की सामान्य बेटी हैं। अपने माता-पिता की समस्या को देखकर उन्होने पहले उन्होंने स्पेशल ट्रेनिंग ली और उसके बाद मूक-बधिर बच्चों के लिए ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया। शादी के बाद अब मेघा उज्जैन सैटल हो गई हैं लेकिन फेसबुक व वॉट्सएप के माध्यम से वे ग्वालियर के इन बच्चों से जुड़ी हैं।

वीडियो कॉल पर बच्चों को साइन लैंग्वेज से प्रधानमंत्री की बात समझातीं मेघा तिवारी।
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