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केंद्रीय जेल में खुली मुलाकात रोकने का विरोध, बाहर बहनों ने किया हंगामा
कैदियों ने विरोध में नहीं की मुलाकात
केंद्रीय जेल में भाईदूज पर खुली मुलाकात रोकने पर कैदी व बंदियों को टीका करने पहुंची बहनों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस व जेल अधिकारियों ने महिलाअों व कैदियों को समझाकर उनकी सामान्य मुलाकात कराई। जेल अधीक्षक मनोज साहू के दावे के अनुसार, जेल में लगभग 14 हजार महिलाअों ने कैदी व बंदियों से मुलाकात की। खुली मुलाकात के विरोध में जेल के अंदर लगभग दो दर्जन से अधिक कैदी व बंदियों ने अपनी बहनों से मुलाकात ही नहीं की।
केंद्रीय जेल सहित ग्वालियर सर्कल की सभी जेल में बुधवार को भाईदूज पर कैदी व बंदियों की बहनों से खुली मुलाकात नहीं कराई गई। जेल में खुली मुलाकात न कराए जाने पर सुबह लगभग 11 बजे जेल के बाहर व भीतर बहनों व बंदियों ने विरोध किया। विरोध की अाशंका के चलते जेल के बाहर अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया था। विरोध की सूचना पर एएसपी पंकज पांडे जेल पर पहुंचे अौर महिलाअों से बात की अौर कहा कि सभी से मुलाकात कराई जाएगी। जेल के अंदर विरोध कर रहे कैदियों व बंदियों को समझाया कि खुली मुलाकात तो नहीं होगी लेकिन सामान्य मुलाकात सभी की कराई जाएगी अोर सभी एक-दूसरे से ठीक से मिलकर हाल-चाल जान सकेंगे। बताया गया है कि कुछ कैदी सामान्य मुलाकात के लिए तैयार नहीं थे अौर खुली मुलाकात न कराने पर उन्होंने सामान्य मुलाकात का बहिष्कार किया।
बाहर व अंदर विरोध कर बनाया दबाव
जेल के अंदर कैदियों ने अौर बाहर उनकी बहनों ने विरोध में सुबह लगभग 10.30 बजे हंगामा कर दिया। कैदी व उनकी बहनें खुली मुलाकात कराए जाने पर अड़े थे। कोशिश यह थी भीड़ बढ़ने पर दबाव बनने पर जेल प्रबंधन गेट खोलकर खुली मुलाकात पर तैयार हो जाएगा। जेल के बाहर अतिरिक्त बल के साथ एएसपी पंकज पांडे ने महिलाअों को समझाया कि उनकी मुलाकात ठीक से कराई जाएगी बस वह सामान नहीं ले जा सकेंगी। जेल में अधीक्षक मनोज साहू ने कैदी व बंदियों को समझाइश दी अौर चेतावनी भी दी कि विरोध करने से कुछ नहीं होगा। इस पर अधिकांश कैदी मान गए लेकिन लगभग दो दर्जन कैदियों ने सामान्य मुलाकात का बहिष्कार किया।
बहनें नहीं कर पाईं टीका: विरोध के चलते कुछ महिलाअों व कैदियों ने प्रबंधन से टीके के लिए रौली-चावल की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया लेकिन प्रबंधन इस पर भी तैयार नहीं हुअा। प्रबंधन के कहना था फिर तो मिठाई की भी व्यवस्था करना पड़ेगी। जेल अधीक्षक मनोज साहू का कहना था कि हम रक्षाबंधन पर राखी भी बंधवाएंगे अौर टीका भी कराएंगे लेकिन अभी नहीं।
बुजुर्ग बहनें व बच्चे हुए परेशान, नहीं थी बैठने की व्यवस्था
तिराहे से जेल के अंदर वाले गेट तक महिलाएं व बच्चे भी पैदल ही जा रहे थे। जेल में भाइयों से मिलने पहुंची महिलाअों में बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। इन महिलाअों को नए जेल गेट तक लगभग एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा अौर जेल गेट के बाहर भी उनके बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं थी। महिलाअों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा था।
केंद्रीय जेल में बंद कैदियों से मिलने पहुंचे उनके परिजन।