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पार्किंग ठेकेदार ने काम करने से मना किया, शौचालय में भरा रहता है पानी

Gwalior News - हाईकोर्ट के तमाम आदेशों के बाद भी ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में...

Jan 16, 2020, 07:30 AM IST
Gwalior News - mp news parking contractor refuses to work water remains filled in toilets
हाईकोर्ट के तमाम आदेशों के बाद भी ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा। यहां आने वाले मरीज हर रोज किसी न किसी समस्या के कारण परेशान होते हैं। अस्पताल में सुधार की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने जवाब पेश किया। इसमें बताया कि परिसर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन) सिस्टम लागू कर दिया गया है। कमलाराजा चिकित्सालय (केआरएच) में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई हो रही है। परिसर में अब बदबू भी नहीं आ रही। वहीं जब दैनिक भास्कर ने अस्पताल प्रबंधन के दावों की पड़ताल की तो अस्पताल के हालात बिल्कुल विपरीत मिले। इन तमाम खामियों को लेकर अस्पताल के सहायक अधीक्षक डाॅ. अशोक मिश्रा से भी बात की।

देखिए... दावों के विपरीत यह हालात हैं जयारोग्य अस्पताल के

 आरएफआईडी व्यवस्था बंद होने की कगार पर: अस्पताल प्रबंधन और पार्किंग ठेकेदार के बीच हुआ अनुबंध कभी भी समाप्त हो सकता है। अनुबंध के समय प्रबंधन ने दो पहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क 10 रुपए निर्धारित किया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 5 रुपए कर दिया। चूंकि ठेकेदार ने तीन साल के लिए 66 लाख रुपए में अनुबंध किया है और प्रबंधन ने शुल्क आधा कर दिया है, इस कारण ठेकेदार अनुबंध की शर्तों को बदलने की मांग कर रहा है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह सिस्टम बंद कर देगा।


 कचरे के साथ फेंक रहे बॉयोमेडिकल वेस्ट : जयारोग्य अस्पताल में सफाईकर्मी वार्डों से निकलने वाले कचरे के साथ बॉयोमेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं। यह स्थिति तब है जब हाईकोर्ट में पेश किए जवाब में प्रबंधन ने दावा किया है कि बॉयोमेडिकल वेस्ट का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है।


 शौचालयों के बाहर से सफाईकर्मी नदारद : प्रिंसिपल रजिस्ट्रार नवीन सक्सेना ने हाईकोर्ट में सौंपी निरीक्षण रिपोर्ट में बताया था कि केआरएच के शौचालयों में इतनी बदबू आती है कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नियमित सफाई और प्रत्येक शौचालय के बाहर सफाई कर्मियों की तैनाती का आदेश जारी किया था। वर्तमान में न तो शौचालयों की नियमित साफ-सफाई हो रही है, न ही वहां सफाईकर्मी तैनात हैं। अधिकांश शौचालयों में पानी भरा मिला।


केआरएच में शौचालय में भरा पानी।

जिला अस्पताल में एडीएम को फिर मिलीं अव्यवस्थाएं

ग्वालियर | जिला अस्पताल मुरार का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम किशोर कन्याल और रिकेश वैश्य को तमाम खामियां मिलीं। दो दिन पहले कायाकल्प की टीम के निरीक्षण के दौरान जो अस्पताल परिसर चमचमा रहा था, बुधवार को उसी अस्पताल में अधिकारियों को गंदगी दिखी। मरीजों की बेडशीट भी गंदगी थी, परिजन खुद स्ट्रेचर पर मरीजों को ले जा रहे थे। अव्यवस्थाओं को देखकर अफसरों ने सिविल सर्जन को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब देने को कहा है।

मरीजों के परिजन को स्ट्रेचर खींचते देखकर अधिकारियों ने सिविल सर्जन डाॅ. वीके गुप्ता से पूछा कि वार्ड ब्वॉय कहा हैं। इसका वे कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की तो सिविल सर्जन बोले- मैं क्या करूं, आप चाहें तो मुझे हटा दें। इस पर एडीएम किशोर कन्याल ने कहा कि आप यदि काम नहीं कर पा रहे तो खुद ही हट जाइए। एडीएम रिकेश वैश्य ने कहा कि जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने से काम नहीं चलेगा। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी आपका सहयोग नहीं कर रहा तो हमें बताइए। हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

डीएम किशोर कन्याल ने जब वार्ड ब्वॉय की उपस्थिति की जानकारी चाही तो बताया गया कि 23 में से केवल 5 वार्ड ब्वॉय ही मौजूद है। कुछ इमरजेंसी वार्ड में हैं तो कुछ अन्य स्थानों पर तैनात हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वार्ड ब्वॉय को मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए नियुक्त किया गया है। इसमें कोताही नहीं होनी चाहिए।

सिविल सर्जन को दिशा निर्देश दिए हैं


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