एफआईआर दर्ज कर भूली पुलिस
हाईवे किनारे 20 लाख रुपए में अपने फ्लैट का सपना दिखाकर लोगों को ठगने वाले जैतल कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर झांसी रोड थाना पुलिस ने फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल निवासी सीनियर सिटीजन शोभा गौड़ की शिकायत पर पुलिस ने एक माह पहले जैसे-तैसे एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक बयान से लेकर गिरफ्तारी की कोई कार्रवाई नहीं की है।
शोभा गौड़ के पति कमलेश गौड़ ईएसआई हॉस्पिटल में पदस्थ थे और उन्होंने 24 जनवरी 2015 को 20.30 लाख रुपए में जैतल विहार में फ्लैट बुक कराया था। इस पर बैंक लोन लिया गया था और इसकी लगभग 20 लाख रुपए की किश्तें भी बैंक वसूल चुका है। इस बीच श्री गौड़ का निधन हो गया। शोभा गौड़ भी नौकरी से रिटायर हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें इस फ्लैट की आवश्यकता है। श्रीमती गौड़ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन को गत जनवरी माह में आवेदन दिया था। कई प्रयासों के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने इस मामले में जैतल कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर वीरेंद्र गुप्ता और पूनम गुप्ता के खिलाफ धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस इस मामले को ठंडे बस्ते में डालकर बैठ गई है। इसके चलते श्रीमती गौड़ ने गत सात मार्च को दोबारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है कि अभी तक पुलिस ने उनके बयान तक दर्ज नहीं किए हैं। कई बार थाने बुलाने के बाद बयान लेने की प्रक्रिया को अगले दिन के लिए टाल दिया जाता है। दूसरी तरफ आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी झांसी रोड थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी मिल नहीं रहे हैं।
टालमटोल कर रही है पुलिस
बड़ी मुश्किल के बाद पुलिस ने वीरेंद्र गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अब एक माह से ज्यादा समय बीतने के बावजूद न तो मेरे बयान लिए गए हैं और न ही बिल्डर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में टालमटोल का रवैया अपना रही है। इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय इसे जानबूझकर लटकाया जा रहा है।
शोभा गौड़, फरियादी
कवरेज से बाहर रहा फोन
डीबी स्टार रिपोर्टर ने इस मामले में बात करने के लिए झांसी रोड थाने के टीआई रमेश शाक्य के मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल किए, लेकिन उनका फोन कवरेज से बाहर बताता रहा। टीम ने उनसे संपर्क करने के लिए थाने के लैंडलाइन नंबर पर भी कॉल किया, लेकिन यह नंबर भी आउट ऑफ ऑर्डर था।
जैतल कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद फरियादी के बयान तक नहीं लिए
पहले से दर्ज हैं कई मामले
जैतल कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर वीरेंद्र गुप्ता के खिलाफ और भी लोगों ने झांसी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कराई हैं। दरअसल, श्री गुप्ता ने हाईवे किनारे सस्ते फ्लैट बेचने का झांसा देकर लोगों से बुकिंग ले ली, लेकिन बाद में उन्हें पजेशन तक नहीं दिया। एक ही फ्लैट को दो-दो लोगों को बेच दिया गया। इस मामले में श्री गुप्ता को जेल भी भेजा गया था और अभी वे जमानत पर बाहर चल रहे हैं।