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इस्तीफा देने वाले को बर्खास्त करने का नाटक

एक वर्ष पहले
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अफसर जिस असिस्टेंट प्रोफेसर को 13 साल बाद बर्खास्त करने की तैयारी कर रहे थे उसने एलएनआईपीई से इस्तीफा देकर हरियाणा यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर ज्वाॅइन कर लिया। एयरफोर्स से नवोदय विद्यालय में नौकरी के बाद डाॅ. जेपी भूकर ने 2007 में एलएनआईपीई में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाॅइन किया। 13 वर्ष की नौकरी के दौरान उनके दस्तावेज की दो बार जांच हुई, लेकिन मामले को दबाकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब वे नौकरी छोड़कर चले गए तो एलएनआईपीई के अफसर स्वयं की लापरवाही छिपाने के लिए कार्रवाई की खानापूर्ति कर रहे हैं।

खेल मंत्रालय के पास सात माह पूर्व एक शिकायत पहुंची थी कि डॉ. भूकर ने एक ही समय पर अलग-अलग जगह पर काम कर वेतन लिया है और उनके शैक्षणिक दस्तावेजों में भी गड़बड़ी है। इस आधार पर मंत्रालय ने जांच के लिए इस मामले को संस्थान के पास फॉरवर्ड कर दिया। संस्थान ने डॉ. भूकर से इस शिकायत में लिखे बिंदुओं का जवाब मांगा, लेकिन उनका उत्तर संतोषजनक न मिलने पर प्राथमिक जांच की गई।

जांच में पता चला कि उन्होंने एक ही समय पर सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में नौकरी कर वेतन प्राप्त किया है। इसके अलावा अपने नियोक्ता की अनुमति के बिना सिविल कोर्स करने और गलत दस्तावेज लगाकर गुमराह करने जैसे तथ्य भी सामने आए। दरअसल, डॉ. भूकर ने एयरफोर्स में अपनी नौकरी के दौरान पढ़ाई की, लेकिन इसके लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई। इसके बाद उन्होंने नवोदय विद्यालय संगठन और पंजाब के एक निजी कॉलेज में एक ही समय पर शैक्षणिक कार्य भी किया। वर्ष 2007 में एलएनआईपीई में नियुक्ति के दौरान उन्होंने तथ्यों को छुपाकर नौकरी हासिल की थी। ये सामने आने के बाद संस्थान ने फरवरी माह के पहले सप्ताह में मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है और डॉ. भूकर को गत आठ फरवरी को चार्जशीट भी थमा दी गई है। }शेष पेज 2 पर

2010 के लेटर को संस्थान में दबाया

इस दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ने भी वर्ष 2010 में एलएनआईपीई को डॉ. भूकर के संबंध में एक रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन संस्थान में मिलीभगत कर उस समय इस पत्र को दबा दिया गया था। संस्थान के अफसरों ने हाल ही में जब पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि डॉ. भूकर के बॉण्ड न भरने और बाद में वहां से गुपचुप रिलीविंग लेने के कारण जवाहर नवोदय विद्यालय के स्टाफ पर भी कार्रवाई की गई थी।

बोर्ड में जाएगा मामला

डॉ. जेपी भूकर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय को भेज दी गई है। डॉ. भूकर ने भी एलएनआईपीई से इस्तीफा देकर दूसरी यूनिवर्सिटी में ज्वॉइन कर लिया है। अब आगामी कार्रवाई के बाद यह मामला संस्थान के बोर्ड में जाएगा, जहां से आगामी कार्रवाई की जाएगी।
प्रो. महेंद्र कुमार सिंह, रजिस्ट्रार एलएनआईपीई

मुझे साजिशन परेशान किया जा रहा है

मुझे साजिशन एलएनआईपीई में परेशान किया जा रहा है। मैंने एयरफोर्स में परमिशन लेकर ही पढ़ाई की थी। जहां तक दो वेतन लेने का सवाल है, तो कभी नवोदय विद्यालय ने भी ऐसी कोई शिकायत नहीं की और मुझे रिलीविंग दी। अब तो मैं भी एलएनआईपीई से इस्तीफा दे चुका हूं। ऐसे में वे मेरे खिलाफ कैसे कार्रवाई कर सकते हैं। अगर मेरा कोई दस्तावेज गलत था, तो इतने सालों बाद यह मुद्दा क्यों उठाया गया। मैंने भी इस संबंध में दस्तावेज लेने के लिए आरटीआई लगाई है।
डॉ. जेपी भूकर, एसोसिएट प्रोफेसर हरियाणा यूनिवर्सिटी व पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर एलएनआईपीई

}एलएनआईपीई में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 13 साल सेवा देने वाले डॉ. जेपी भूकर पर शिकंजा**
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