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अलग मद में फंसा 525 स्थायीकर्मियों का वेतन

एक वर्ष पहले
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जल संसाधन विभाग के 525 स्थायीकर्मियों का दो माह का वेतन अलग-अलग हेड में फंड न होने के कारण अटक गया है। जिस मद से इन कर्मचारियों का वेतन निकलता है, उसमें पर्याप्त पैसा नहीं है। ऐसे में भोपाल मुख्यालय ने दूसरे हेड से पैसा देने के आदेश जारी किए। जब इस हेड में कर्मचारियों की मैपिंग कर बिल लगाए गए, तो वित्त विभाग ने भुगतान पर रोक लगा दी। अब होली का त्यौहार नजदीक है और वेतन न मिलने के कारण ये कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।


जलसंसाधन विभाग के ग्वालियर में 435 और शिवपुरी में 90 कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को हर माह डेढ़ करोड़ रुपए के वेतन का भुगतान किया जाता है। जिस मद से इन कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है, उसमें पिछले दो माह से बजट नहीं है। इसके चलते कर्मचारियों को जीवन-यापन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों द्वारा वेतन की मांग करने पर स्थानीय अफसरों ने मुख्यालय से संपर्क किया। वहां से निर्देश दिए गए इन कर्मचारियों को दूसरे मद से पैसा दे दिया जाए। यह मद ठेकेदारों को भुगतान करने संबंधी है, लेकिन इसमें पहले विभागीय कर्मचारियों की मैपिंग की जानी थी, ताकि उनके बिल सबमिट किए जा सकें। इस हेड में लगभग ढाई करोड़ रुपए का बजट भी मौजूद था। ऐसे में कर्मचारियों को वेतन मिल जाता, लेकिन मैपिंग पूरी होने तक वित्त विभाग ने भुगतान पर रोक लगा दी। ऐसे में मैपिंग होने के बावजूद बिल पास नहीं हो पा रहे हैं। अब त्यौहार नजदीक है और इन कर्मचारियों की जेबें खाली हैं। डीबी स्टार टीम ने जब इस संबंध में विभाग के अफसरों से बात की, तो उन्होंने जल्द से जल्द वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया।

सिर्फ 133 लोगों को मिला वेतन

इन कर्मचारियों की जनवरी और फरवरी माह की सेलरी रुकी हुई है। ग्वालियर के 435 में से सिर्फ 133 कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन मिल पाया है, लेकिन फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है। बाकी कर्मचारियों की दो माह की सेलरी का भुगतान होना है।

जल्द कराया जाएगा भुगतान

स्थायीकर्मियों के वेतन भुगतान के लिए हम वित्त विभाग के अफसरों से चर्चा कर रहे हैं। जल्द ही भुगतान संबंधी स्वीकृति मिल जाएगी और कर्मचारियों को जल्द से जल्द पेमेंट कर दिया जाएगा।
एमएस डावर, इंजीनियर इन चीफ जल संसाधन विभाग

{जल संसाधन विभाग का मामला....
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