रेशम मिल के लोगों के लिए खुली संजीवनी क्लीनिक
आदर्श मिल रोड अवाड़पुरा के बाद अब रेशम मिल के लोगों को सरकारी अस्पताल में पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने तथा पुन: दिखाने के लिए पर्चा संभालकर रखने की परेशानी नहीं झेलनी होगी। रेशम मिल पानी की टंकी के पास बनी यह संजीवनी क्लीनिक पूरी तरह डिजिटल है। इसमें मरीजों के पूरा इलाज की पूरी जानकारी ऑनलाइन रहेगी। डॉक्टर को दिखाने के बाद जब वह दवा की विंडो पर जाएगा तो वह डॉक्टर द्वारा अाॅनलाइन लिखीं दवाइयां देखकर मरीज को दवा दे देगा। साथ ही उसे यह समझा देगा कि दवा कैसे खानी है।
यह बात रेशम मिल पानी की टंकी के पास जिले की तीसरी संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ करते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कही। श्री तोमर ने कहा कि इस क्षेत्र की जनता को अपने इलाज के लिए जेएएच या सिविल हॉस्पीटल जाना पड़ता था, वहां उनके 150-200 रुपए खर्च हो जाते थे। उनकी इस समस्या को ध्यान में रखकर आपके मोहल्ले में ही अस्पताल खुलवा दिया। पीएचई कॉलोनी में भी संजीवनी क्लीनिक खोला जाएगा एवं सेवा नगर क्षेत्र में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाना है।
सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि दिल्ली की मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर उक्त क्लीनिक का शुभारंभ हुआ है। शहर में 6 संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं। संजीवनी क्लीनिक का समय सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगा। इसका संचालन डॉ. गजेंद्र धाकड़ करेंगे।
कलेक्टर के आदेश पर अटैच कर्मचारी छुट्टी के दिन भी कर रहे हैं काम
ग्वालियर| सीएमएचओ कार्यालय में कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने करीब 6 माह पहले जांच की थी। यहां की अव्यवस्थाओं को देखते हुए कुछ कर्मचारियों को कलेक्टर ने अपने कार्यालय में अटैच कर लिया था। ये कर्मचारी अब भी सीएमएचओ कार्यालय में पहुंचकर आए दिन काम करते हैं। इस बात की शिकायत कलेक्टर तक पर पहुंच चुकी है। रविवार को छुट्टी होने के बाद भी कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर्मचारी सीएमएचओ कार्यालय में पैथोलॉजी शाखा सहित अन्य कार्यों की फाइल निपटाने लगे हुए थे। पैथोलॉजी शाखा का काम जिस कर्मचारी को दिया गया है, उसे अब तक चार्ज ही नहीं हो पाया है। कलेक्टर सीएमएचओ को चेतावनी दे चुके हैं कि उनके यहां अटैच कर्मचारी किसी भी हालत में सीएमएचओ कार्यालय में नहीं आना चाहिए। वहीं सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं।