बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम पर खर्च हाेंगे 38 लाख रुपए

Gwalior News - बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों से जिला रेडक्रॉस सोसायटी में पिछले 4 महीने में 38 लाख रुपए आए...

Oct 13, 2019, 07:41 AM IST
बंदूक का लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों से जिला रेडक्रॉस सोसायटी में पिछले 4 महीने में 38 लाख रुपए आए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस बनवाने आने वालों को रेडक्रॉस सोसायटी का शुल्क जमा करना होता है जो 6 हजार रुपए तक रहता है। पिछले 4 महीने में करीब 640 नए बंदूक लाइसेंस बने हैं। कलेक्टर के अनुसार रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में जो 38 लाख 40 हजार रुपए आए हैं, उस पैसे को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम पर खर्च किया जाएगा।

कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जितनी भी ब्रांड एंबेसडर बेटियां हैं, उनसे बात करें और पूछे कि किन बेटियों को आर्थिक मदद और मुहिम को सफल बनाने के लिए प्रशासन के सहयोग की जरूरत है। जो ब्रांड एंबेसडर बेटियां वाजिब कारण बताएंगी, उनकाे जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद रेडक्रॉस सोसायटी के फंड से की जाएगी। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने कहा कि मुहिम को सफल बनाने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ब्रांड एंबेसडर बेटियों के साथ चाय पर चर्चा के दौरान कलेक्टर ने करीब 17 जरूरतमंद और बेहतर काम करने वाले ब्रांड एंबेसडर बेटियों को 63 हजार रुपए के चेक वितरित किए थे। इनमें किसी को 10 हजार तो किसी को 6 व 7 हजार रुपए के चेक दिए गए थे।

27 सितंबर को दैनिक भास्कर ने छापी थी खबर

27 सितंबर को दैनिक भास्कर ने 79 बेटियों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर भूले अफसर, करना क्या है, ये तक नहीं बताया-- शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला प्रशासन व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। कलेक्टर के साथ चार्य पर चर्चा का कार्यक्रम आयोजित कर ब्रांड एंबेसडर बेटियों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनके सुझाव लिए गए और उनको आर्थिक मदद की पेशकश भी की गई।

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