वाणी से होती है मनुष्य की पहचान: संस्कार सागर

Gwalior News - चंपाबाग धर्मशाला में चल रही धर्मसभा को संबोधित करते मुनिश्री। सिटी रिपोर्टर| ग्वालियर वे मनुष्य भाग्यशाली...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:30 AM IST
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चंपाबाग धर्मशाला में चल रही धर्मसभा को संबोधित करते मुनिश्री।

सिटी रिपोर्टर| ग्वालियर

वे मनुष्य भाग्यशाली होते हैं, जिन्हें परमात्मा की वाणी सुनने के िलए संतों का सानिध्य मिलता है। हमें समय निकाल कर गुरु के माध्यम से परमात्मा की वाणी को सुनना चाहिए अौर उसी के अनुरूप अपने जीवन को ढालना चाहिए। व्यक्ति की पहचान उसके व्यवहार और वाणी से होती है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को हमेशा सोच-समझकर ही बोलना चाहिए। हमें हमेशा मीठी वाणी का ही प्रयोग करना चाहिए। यह बात मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने शनिवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में धर्मसभा में कही।

मुनिश्री ने कहा कि धर्म की शुरुआत अच्छे व्यवहार से होती है। धर्मानुकूल जीवन जीने वाला व्यक्ति हर जीव से समान व्यवहार करता है। उसके व्यवहार में पवित्रता और सहजता होती है। मनुष्य को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत आवश्यक है। वाणी सदैव ही सत्य अौर संयमी होनी चाहिए। मनुष्य को हमेशा कठोर अौर कड़वे वचनों के प्रयोग से बचना चाहिए। मनुष्य के बोलने से ही उसके संस्कारों का परिचय हो जाता है।

मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य को शरीर के सौंदर्य पर नहीं वाणी के सौंदर्य पर ध्यान देना चाहिए। जिस प्रकार मनुष्य को मीठा पसंद होता है उसी प्रकार मीठी वाणी सुनना भी पसंद होता है। मीठा मन को सुख देता है। इसलिए किसी को कठोर शब्द कहकर उसका मन नहीं दुखाएं। प्रवचनों से पूर्व पं. चंद्रप्रकाश जैन ने मंगल चरण भजन प्रस्तुत किया। मुनिश्री के चरणों में विकास गंगवाल, नीरज जैन, सुनील कासलीवाल, अजय कागदी, सुरेंद्र पाड्या, कमलेश बिलाल, संजय बड़जात्या, संजीव जैन, सचिन जैन ने श्रीफल अर्पित किए।

धर्मसभा

20 को होगी चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना

मुनिश्री संस्कार सागर महाराज के सानिध्य में 16 जुलाई को सुबह 8.30 बजे से नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 17 जुलाई को वीर शासन जयंती मनाई जाएगी। 20 जुलाई को मुनिश्री संस्कार सागर महाराज के चातुर्मास कलश की स्थापना होगी।

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