सहमति से बने संबंध दुष्कर्म नहीं कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

Gwalior News - सहमति से बने शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इस तर्क के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अशोक शर्मा की...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:32 AM IST
Gwalior News - mp news the court has acquitted the accused for not doing wrongdoing
सहमति से बने शारीरिक संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इस तर्क के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अशोक शर्मा की कोर्ट ने शुक्रवार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया। मामला मुरार थाना क्षेत्र का है जो 2015 में दर्ज हुआ था। इसमें फरियादिया ने मोनू नामक युवक पर डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। दोनों के बीच बने संबंधों से महिला ने एक बच्ची को भी जन्म दिया। कोर्ट ने बच्ची के भरण-पोषण को लेकर महिला को दावा करने मामला विधि जिला प्राधिकरण में मामला ले जाने को कहा है।

कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता अवधेश भदौरिया ने तर्क रखा कि आरोपी आैर फरियादिया के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। उसे मालूम था कि आरोपी शादीशुदा है आैर प|ी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी नहीं कर सकता। इसके बाद भी फरियादिया ने संबंध बनाए, ऐसे में यह नहीं माना जा सकता है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए थे। फरियादिया के पति के जीवित रहते भी उसके आरोपी के साथ संबंध थे। दोनों के बीच लिव इन रिलेशनशिप थी। पति की मौत के बाद उसने शादी के लिए दबाव बनाया, न मानने पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया।

यह है मामला

मुरार सीपी कॉलोनी मुरार निवासी 35 वर्षीय अंजना (बदला नाम) ने 10 मई 2015 में पुलिस में शिकायत की कि वह सीपी कॉलोनी में ही बुटीक चलाती है। आजाद नगर मुरार निवासी मोनू (30) पांच साल से बुटीक पर आता था। इस कारण उससे पहचान हुई। सवा साल पहले मेरे पति का निधन हो गया। इसके बाद से मोनू मेरे घर आने लगा। उसने शादी का झांसा देकर मुझसे शारीरिक संबंध बनाए आैर मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो दिखाकर वह मुझे धमकाता रहा।

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