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नए कलेक्टर बोले-राजनीतिक घटनाक्रम अपनी जगह है, मैं कितने दिन रहूं, फर्क नहीं पड़ता
प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच वर्ष 2010 बैच के आईएएस ऑफिसर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने रात 9 बजे ग्वालियर जिले के नए कलेक्टर रूप में ज्वाॅइन किया। संभागीय कमिश्नर एमबी ओझा के गांधी रोड स्थित सरकारी बंगले पर उन्हें ज्वाॅइन कराया गया। वे अभी तक विदिशा जिले के कलेक्टर थे। उन्हें एकतरफा ज्वाॅइन कराया गया है, क्योंकि पूर्व कलेक्टर अनुराग चौधरी अपने बेटे के इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में हैं। दिलचस्प बात यह है कि बुधवार को उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से दोपहर 2 बजे मौखिक आदेश दिए गए कि वे ग्वालियर ज्वाॅइन करें। जिसके बाद वे सड़क मार्ग से शाम 7.15 बजे ग्वालियर पहुंचे। उनके ग्वालियर कलेक्टर बनाए जाने के आदेश दोपहर 3.30 बजे तक जारी किए गए थे।
नए कलेक्टर को ज्वाॅइन कराने की औपचारिकताएं आईएएस जयति सिंह और आईएएस व जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा ने पूरी कराईं। इस दौरान संभागीय कमिश्नर के बंगले पर बुलाए गए सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों को बाहर खड़ा रखा गया। आईएएस जयति सिंह को भी डबरा एसडीएम आरके पांडेय से चार्ज दिलाया गया। चार्ज लेने के बाद नवागत कलेक्टर ने अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदारों के साथ संभागीय कमिश्नर के बंगले में बने मीटिंग हॉल में ही बैठक की। जिसमें जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को लेकर चर्चा की गई।
ग्वालियर का विकास ही मेरी प्राथमिकता है
दैनिक भास्कर से बातचीत में नवागत कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में जो राजनीतिक घटनाक्रम चल रहा है, उससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं यहां कितने दिन कलेक्टर रहूंगा या नहीं रहूंगा। लेकिन भारत के संविधान में परमानेंट ब्यूरोक्रेसी का प्रावधान है। इसलिए मैं यहां कलेक्टर रहूं या मेरे से पहले कोई यहां कलेक्टर था या मेरे बाद कोई होगा, उससे फर्क नहीं पड़ता है। पद बना रहता है, अफसर आते-जाते रहते हैं। ग्वालियर मेरे लिए नया जिला है। यहां अधिकतर ग्वालियर हाईकोर्ट की पेशियों के दौरान ही आना हुआ है। कुछ समय के लिए ट्रेनिंग भी की थी। बहुत ज्यादा ग्वालियर के बारे में नहीं जानता हूं। लेकिन इससे पहले मैं विदिशा, नीमच में कलेक्टर रहा। सागर में नगर निगम कमिश्नर और सिवनी में एसडीएम के रूप में काम किया। हेल्थ और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में मैंने बेहतर काम किया है। नीमच कलेक्टर रहते हुए रूरल डेवलपमेंट के क्षेत्र में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवार्ड भी प्राप्त कर चुका हूं। इसलिए ग्वालियर का विकास ही मेरी प्राथमिकता होगी। मैं बस इतना ही कहूंगा कि जब तक ग्वालियर में कलेक्टर रहूंगा, यहां के आम लोगों को मेरी वजह से कोई परेशानी नहीं होगी।