- Hindi News
- Local
- Mp
- Gwalior
- Gwalior News Mp News The Situation On The Festival Worsened Neither The Teachers Got Salary Nor The Poor Got Ration
त्योहार पर हालात खराब...न तो शिक्षकों को वेतन मिला, न ही गरीबों को राशन
एक दिन बाद होली खिलेगी और तीसरे दिन भाईदूज मनेगी पर सरकारी सिस्टम खराब होने से न तो गरीबों को राशन मिल सका है और न शिक्षकों को वेतन।
प्रदेश के खाद्य मंत्री के शहर में पिछले तीन महीने से राशन वितरण का सिस्टम ठप है। सबसे ज्यादा दिक्कत मुरार व लश्कर क्षेत्र में आ रही है। ऐसे ही शहरी क्षेत्र के शिक्षकों का हाल है। दो महीने पहले भी वेतन में देरी हुई थी और इस बार भी बड़ी संख्या में वेतन नहीं निकला है। वेतन सोमवार को भी मिलेगा, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। अगले कुछ दिन छुट्टियां हैं। इसी कारण न तो राशन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है और न वेतन को लेकर।
वेतन नहीं मिलने से शिक्षक परेशान: स्कूल शिक्षा विभाग भी आर्थिक तंगी का शिकार है। यहां पर बजट खत्म होने से लगभग दो हजार शिक्षकों का वेतन अटक गया है। शिक्षक संगठन इसको लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इसी कारण दो दिन पहले विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने शासन से तीन करोड़ रुपए के बजट की मांग की है ताकि शिक्षक होली और दूज का त्योहार ठीक से मना सकें। बीईओ ने प्राइमरी, मिडिल और हायर सेंकडरी स्कूल के शिक्षकों के वेतन के लिए एक-एक करोड़ रुपए मांगे हैं। बजट न होने से भत्तों का भुगतान भी रुक चुका है। कलेक्टोरेट के कोषालय अधिकारी अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि जो बिल आ रहे हैं, वे उन्हें तत्काल क्लियर कर रहे हैं। बजट के अभाव में स्कूलों के बिजली कनेक्शन भी कटने लगे हैं।
जिले की 30 फीसदी से ज्यादा राशन की दुकानें खाली
खाद्य विभाग ने जिले की सभी 555 राशन दुकानों पर तीन महीने के खाद्यान्न वितरण की घोषणा दो दिन पहले की थी। इस घोषणा की हवा निकल गई है क्योंकि मुरार व लश्कर की 130 दुकानों में से बहुतों पर खाद्यान्न ही नहीं पहुंचा है। इसका असर 40 हजार से ज्यादा परिवारों पर हो रहा है। इन्हें होली और दूज दोनों पर ही राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सप्लाई में हुई गड़बड़ी को लेकर जिला आपूर्ति नियंत्रक ने नागरिक आपूर्ति निगम को फिर नोटिस जारी किया है। ऐसा पिछले महीने भी तीन बार हुआ था पर हालात नहीं सुधर पा रहे हैं। भाजपा के महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बीपीएल परिवार भी परेशान हैं क्योंकि उन्हें राशन हीं नहीं मिल सका है।