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सूर्य के गुरु की राशि मीन में प्रवेश करने से आज से लगेगा खरमास

एक वर्ष पहले
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इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से प्रारंभ होंगी अौर इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू हो जाएगी जो चैत्र नवमी 2 अप्रैल तक रहेगी। इसी दिन प्रभु श्री राम का प्राकट्य दिवस भी मनाया जाएगा। खरमास 14 मार्च से आरंभ हो रहे हैं अौर खरमास लगते ही मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।

ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि रंग पंचमी पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश करते ही 1 माह के लिए खरमास लग जाएगा। 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति के बाद मांगलिक कार्य प्रारंभ हो सकेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता जाता है। सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पूर्व ग्रह अौर नक्षत्रों की दशा देखी जाती है। सूर्य देव 14 मार्च को दोपहर 11.52 बजे कुंभ राशि छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

खरमास के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे

{अप्रैल : 14, 15, 20 ,25 ,26, 27

{मई : 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 10 ,12 17 ,18 ,19 ,23 ,24 , 29

{जून : 13 ,14 ,15, 25 ,26 ,27 ,28 30

1 जुलाई को देवशयनी एकादशी से 25 नवंबर देव उठनी एकादशी तक चतुर्मास रहने से विवाह नहीं होंगे

{नवंबर : 26, 30

{दिसंबर : 1, 2, 6, 7, 8, 9, 11

मंगल ग्रह 22 मार्च को धनु राशि से अपनी उच्च राशि मकर में दोपहर 2:40 बजे प्रवेश करेंगे। मंगल गोचर में शनि देव की राशि मकर में 4 मई तक रहेंगे। इसके बाद कुंभ राशि में मंगल का संचार होगा। मकर राशि, शनि देव की राशि है अौर मंगल इस राशि में उच्च का होता है। इस कारण निश्चित ही जातक को सकारात्मक फल की प्राप्ति होगी।

ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि इस समय जातक के अंतर्मन में नई ऊर्जा का संचार होगा। कुछ नया करने की जिज्ञासा जाग्रत होगी। बुद्धि में ज्ञान का संचार होगा। ज्ञान अौर आध्यात्मिकता के प्रति उत्साह, रोमांच और साहस से भरपूर होगा। कारण यह है कि उच्च होकर मंगल अपने स्वाभाविक गुण के अनुरूप अवश्य ही फल प्रदान करते हैं। 30 मार्च की सुबह गुरु ग्रह भी धनु राशि से शनि की मकर राशि में गोचर करेंगे, जो कि गुरु की नीच राशि है। यहां पर शनि देव पहले से ही विराजमान हैं। इसलिए गुरु का नीच भंग राजयोग बनेगा। 14 मई को गुरु वक्रीय हो जाएंगे और 29 जून को वापिस अपनी धनु राशि में पहुंच जाएंगे। यह संयोग मकर अौर मिथुन राशि वाले जातकों के लिए अच्छा नहीं रहेगा।

मंगल 22 को करेंगे अपनी उच्च राशि मकर में गोचर
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