लिव इन का आकर्षण और बचाव बताएंगी ये 5 बातें
writerGeetanjali KashyapIndore
लि व इन रिलेशनशिप में लड़का-लड़की बिना विवाह के एक साथ एक घर में पति-प|ी की तरह रहकर एक दूसरे को जानने की कोशिश करते हैं। मेट्रोज में यह इन दिनों खूब चल रहा है। फिल्मी सितारों द्वारा इसे अपनाने के बाद और हवा मिली है। यहां जानिए वह बातें जो बताएंगी कि इसका चलन युवाओं में क्यों बढ़ रहा है। वे इसे तेजी से क्यों अपना रहे हैं। इस तरह के संबंधों से कैसे युवा पीढ़ी का बचाव हो सकता है।
1. जिम्मेदारियों से परहेज
लिव इन रिलेशनशिप में लड़का-लड़की दोनों पर किसी भी प्रकार की सामाजिक एवं पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं होतीं, यहां तक कि दोनों के बीच वित्तीय जिम्मेदारियां भी विभाजित होती हैं। इसलिए युवा वर्ग बोझिल जिम्मेदारियों से किनारा करने के लिए इसे अपनाते हैं।
उपाय- इसका उपाय यह है कि माता-पिता को शुरू से ही बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां उठाना सिखाना चाहिए, जिससे भविष्य में वह सामाजिक-पारिवारिक एवं जीवन में आने वाली प्रत्येक जिम्मेदारी को उठाना सीखेंगे। वह इन जिम्मेदारियों से दूर नहीं भागेंगे।
2. फैशन के रूप में अपनाया
कई जगह युवाओं द्वारा उठाए गए निर्णयों को सही गलत बताने वाले नहीं रहते। आसपास के माहौल या यूं कहें, नया ट्राई करने की हवा उन्हें ना चाहते हुए भी लग जाती है। हद तो तब हो जाती है जब मंझले शहरों में लिव-इन में रहने वाले, भाई-बहन का मुखौटा पहन लेते हैं और बाद में असलियत पता चलती है।
उपाय- यहां युवाओं को स्वयं यह समझने की आवश्यकता है कि ट्रेंड कुछ भी हो, आपके आस-पास का माहौल आप पर कितना ही दबाव क्यों ना बनाएं, आप नैतिक आधारों की कसौटी पर खरे उतरने वाले ट्रेंड्स को ही अपनाएं। अपने फैसलों के परिणामों को आंकलित करें और सोच-समझकर भविष्य के निर्णय लें।
live inrelationship
उपाय- आवश्यकता इस बात की है कि विवाह पश्चात यदि साथ रहना अत्यधिक बोझिल हो जाए तो समाज इस अलगाव को भी स्वीकार करें एवं उन्हें स्वतंत्र एवं स्वाभिमान युक्त जीवन निर्वाह का मौका पुनः दें। यह मौका खासकर महिलाओं के लिए होना चाहिए।
युवा वर्ग कहता है कि हम लिवइन इसलिए चाहते हैं ताकि एक दूसरे को अच्छे से समझ सकंे और यदि साथ रहने का अनुभव ठीक नहीं रहेगा तो मूव ऑन कर लेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि लिवइन में कोई बाध्यता रिश्ता निभाने की नहीं होती। कई लोग भावनाओं से खेलते हैं।
5. अलगाव को भी अपनाएं**
4. कुंठित विचारधारा
आज यदि युवा अंतर्जातीय विवाह या अन्य धर्म में वैवाहिक संबंध जोड़ना चाहता हैं तो समाज उन्हें इतनी आसानी से एक नहीं होने देता। 21वीं सदी में ऑनर किलिंग आम है। इसलिए जमाने के डर से भी युवा लिव इन में रहकर सुकून और अपनी मर्जी का जीवन जीते हैं। इसे वे किसी भी तरह से गलत नहीं मानते।
उपाय- समाज संस्कृति को बचाना चाहता है तो जातिवाद, धर्मवाद, रूढ़िवादिता की मानसिकता से ऊपर उठना होगा। आपको बच्चों के फैसलों का सम्मान करना चाहिए। कई बार आपकी तरह से गौर न किए जाने की वजह से भी बच्चे इन संबंधों को अपनाते हैं। अच्छा होगा आप अपनी परवरिश का सम्मान करना सिखाएं।
3. सही उम्र में विवाह ना होना
आजकल युवा स्वयं पहले सेटल होना चाहते हैं, फिर विवाह का सोचते हैं। उनके लिए सेट होना पहली जरूरत है। परंतु हम हैं तो इंसान ही, जिसके पास एक शरीर है और उसकी कुछ आवश्यकताएं, जो पूर्णता की मांग करती हैं। जिसे पूरा करने के लिए युवा फ्रेंड्स ऑफ बेनिफिट्स इस लिव इन में आते हैं।
उपाय- युवाओं को खोखली डिग्रियों की जगह व्यावसायिक पाठ्यक्रम का चुनाव करना चाहिए। साथ ही अपने हुनर को भी तराशने का प्रयास करना चाहिए। इससे वह जीवन में शीघ्र संतोषजनक पड़ाव पर पहुंच सकेंगे एवं पारिवारिक सुखों का पूरी तरह से आनंद ले सकेंगे।