कला को रोजगार से जोड़ने की कोशिश

Gwalior News - ग्वालियर/भोपाल

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 08:11 AM IST
Gwalior News - mp news trying to link art to employment
ग्वालियर/भोपाल
प्रदेश का संस्कृति विभाग जल्द ही कलाकारों को रोजगार से जोड़ने की फिराक में है। इसके लिए कलाकारों की कला को पूरे देश में प्रचारित करने की तैयारी है। इसके लिए राजा मानसिंह तोमर संगीत विवि के साथ विचार मंथन किया जाएगा, ताकि वह कलाकारों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें प्रदेशव्यापी कैनवाश उपलब्ध कराए। इससे अन्य राज्यों के छात्र भी मध्यप्रदेश में आने के लिए प्रेरित होंगे। इस प्लानिंग को संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ की देखरेख में अंजाम दिया जाएगा।

इस कवायद का मकसद कलाकारों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को सहेजना है। साथ ही महाकवि कालिदास, सूरदास के साथ ही राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, रामधारी सिंह दिनकर की चुनिंदा रचनाओं पर शोधकार्य भी किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूरे प्रदेश में विवि और उससे संबद्ध कॉलेजों से हर साल लगभग दो हजार कलाकार निकलते हैं। लेकिन रोजगार 5 फीसदी छात्रों को भी नहीं मिल पाता है। कलाकारों को रोजगार दिलाने के लिए विवि के पूर्व कुलपतियों ने प्रयास किए, लेकिन उनका यह कदम सफल नहीं हो पाया है। नए कलाकारों का कहना है कि वे बिना रोजगार के कैसे कला को जीवित रख पाएंगे?

इन विधाओं में ज्यादा अवसर

प्रदेश के विवि और कॉलेजों में 40 से अधिक विधाओं के कोर्स चल रहे हैं। इनमें मूर्तिकला, चित्रकला, डांस, म्यूजिक, थियेटर और फैशन जैसी विधाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन संस्कृति मंत्रालय द्वारा ध्यान न दिए जाने से छात्र-छात्राएं डिप्लोमा और ड्रिग्री तो ले रहे हैं, मगर राेजगार न मिलने से कई युवाओं ने अन्य सेक्टर्स की तरफ रुख कर लिया है। फिलहाल इस दिशा में संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ के रुचि लेने से कलाकारों में आस जगी है।

प्रोत्साहन के अभाव में तोड़ा दम

बीते 10 वर्षों में कला के क्षेत्र से जुड़ी हजारों प्रतिभाएं विलुप्त हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल चित्रकला, मूर्तिकला का हुआ है। इन कलाकारों के पास अपनी बेशकीमती पेंटिंग्स के प्रदर्शन के लिए भी राष्ट्रीय स्तर पर कोई मंच सरकार नहीं दे पाई है। जिन कलाकारों ने खुद की दम पर अपनी कला को कलाप्रेमियों तक पहुंचाया, वे भी संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कलाकारों की संख्या भी बेहद कम है। कई कलाकार इस क्षेत्र को अलविदा कहकर अन्य सेक्टर्स में काम करने काे मजबूर हैं।

कला फले-फूले

 संस्कृति सहेजने के लिए कलाकारों का रोजगार से जुड़ा होना जरूरी है। अधिकारियों से बात कर समस्या का हल निकालूंगी। मेरी कोशिश है कि प्रदेश में कला फले-फूले और उसे देखकर दूसरे प्रदेश के छात्र भी हमारे यहां एडमिशन लें। डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, संस्कृति मंत्री

पलायन कर रहे

 प्रदेश में कलाकरों की प्रतिभा में कोई कमी नहीं है। लेकिन वे सब रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे हैं। प्रदेश का एकमात्र विवि भगवान भरोसे चल रहा है। यहां विवादों के चलते 4-5 साल में कोई नया डेवलपमेंट नहीं हुआ है। इस मामले में मंत्रालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। अनिरुद्ध सिंह, छात्र, चित्रकला संकाय

X
Gwalior News - mp news trying to link art to employment
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना