समझाइश आई काम, साथ रहेंगे पति-पत्नी
न्यायालय की समझाइश से राहुल कदम (परिवर्तित नाम) का घर टूटने से बच गया। प|ी की आदतों से तंग आकर राहुल ने शादी के महज दो साल बाद ही तलाक के लिए न्यायालय में दावा पेश कर दिया था, लेकिन अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश हितेंद्र सिंह सिसौदिया ने पति को समझाया कि छोटी-छोटी बातों से तंग आकर इतने बड़े निर्णय नहीं लिए जाते। वहीं प|ी को समझाया गया कि यदि भानजा और भानजी साथ में रहते हैं तो उनके लिए खाना बनाने में क्या समस्या है? उन्हें भी अपने बच्चे की तरह समझकर प्यार करो तो काम बोझ नहीं लगेगा। कई महीनों तक चली काउंसिलिंग के बाद पति-प|ी साथ रहने के लिए राजी हो गए और प्रकरण का निराकरण हो गया।
दरअसल, दिसंबर 2016 में राहुल की शादी हुई और 2018 में रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर उसने तलाक के लिए दावा पेश कर दिया। उनके वकील ने न्यायालय को बताया कि प|ी दिनभर मोबाइल पर व्यस्त रहती है और घर का काम नहीं करती। पति के आरोपों को खारिज करते हुए प|ी ने कहा कि वह घर का सारा काम करने के लिए तैयार है, लेकिन भानजे और भानजी का कोई काम नहीं करेगी। दोनों का पक्ष सुनने के बाद मामला मध्यस्थता के लिए भेजा गया। मीडिएशन के दौरान पति ने मीडिएटर हरीश दीवान को बताया कि बहन के चले जाने के बाद बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर है। मेरे अलावा इनका कोई नहीं है। मीडिएटर ने प|ी को समझाया कि मामी के लिए भानजा-भानजी मान्य होते हैं। वे मामा और मामी भाग्यशाली होते हैं, जिन्हें उनकी सेवा करने का सौभाग्य मिलता है। इसीलिए मामा और मामी, उनके पैर छूते हैं। समझाइश के बाद प|ी साथ जाने के लिए तैयार हो गई। जिसके बाद पति ने मामला वापस ले लिया।