शादी से पहले कपल काउंसिलिंग ले रहे युवा
Its Trending
शा दी जीवन का एक अहम फैसला होता है। हर लड़का चाहता है कि उसे प|ी के रूप में बेहतर जीवनसाथी मिले, जो उसकी और उसके घर की जिम्मेदारी संभाल सके। वहीं हर लड़की चाहती है कि उसे ऐसा पति मिले, जो उसे बेहद प्यार करे और उसका हर तरह से ख्याल रख सके। हालांकि इतने सब के बाद भी कई बार साझा समझ नहीं होने से शादी के फौरन बाद से रिश्ते में कड़वाहट आने लगती है। ऐसे में जरूरत महसूस होती है कपल काउंसिलिंग की। आजकल यह ट्रेंडिंग है जिसे युवा हाथों हाथ ले रहे हैं।
Áतालमेल नहीं बैठ पाता
दरअसल, शादी जैसे रिश्ते में कई बार दिक्कत यह होती है कि पति और प|ी, दोनों ही अपनी-अपनी जगह पर सही होते हैं। बस वे एक-दूसरे का नजरिया नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में तालमेल नहीं बैठ पाता और रिश्ते में खींचातानी शुरू हो जाती है। दिक्क्त यहीं से होती है।
Áसमझदारी भरे कदम
आज तलाक के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसलिए रिश्ते में ठहराव बना रहे और रिश्ता आजीवन निभाया जा सके, इसके लिए ज्यादा समझदारी भरे कदमों की जरूरत होती है और ऐसा ही एक कदम है कपल काउंसिलिंग। देखा जाता है कि पति-प|ी में अनबन शुरू होने के बाद वे काउंसिलिंग का रुख करते हैं। लेकिन शादी से पहले काउंसिलिंग करना आपके रिश्ते के लिए कहीं ज्यादा अच्छा है।
Áसच्चाइयों से रूबरू
शादी के बाद रिश्ते में परेशानी की एक मुख्य वजह हमारा आभासी जीवन भी होता है। हम महत्वाकांक्षी होने लगते हैं और इसी बारे में सोचने लगते हैं। जीवन में होने वाले समझौते और आने वाली परेशानियों की तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता, इसलिए दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। शादी से पहले कपल काउंसिलिंग आपको जीवन की सच्चाइयों से रूबरू करवाता है।
Áआसानी से बात रखना
शादी से पहले काउंसिलिंग पति-प|ी को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझकर बातचीत के पुल को मजबूत बनाता है। ऐसे में शादी के बाद भी दोनों ही पार्टनर अपने जीवनसाथी के सामने आसानी से अपनी बात रख पाते हैं। दोनों का बात करना ही खुद एक रास्ता खोलने का माध्यम बनता है। यदि दोनों में लगातार बात नहीं होगी तो दूरियां बढ़ना निश्चित हो जाता है।
Áशुरुआत सकारात्मक होती है
आमतौर पर व्यक्ति का व्यवहार उसके अतीत के अनुभवों से जुड़ा होता है। जैसे कि किसी के माता-पिता का वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहा हो या फिर उसकी खुद की लव लाइफ असफल रही हो। शादी से पहले काउंसिलिंग की जाए तो व्यक्ति को उसके अतीत से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
Áबेहतर कम्यूनिकेशन होना जरूरी
तलाक के कई मामलों में आपने देखा, सुना या पढ़ा भी होगा कि कोर्ट में कड़े निर्णय से पहले पति-प|ी को काउंसिलिंग की सलाह दी जाती है। शादी के बाद इस तरह की स्थितियां न बनें, इसके लिए शादी से पहले ही काउंसिलिंग करनी चाहिए। आमतौर पर देखा जाता है कि कपल के बीच बेहतर कम्यूनिकेशन नहीं होने के कारण उनके बीच गलतफहमियां पैदा होती हैं।