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लापरवाही / सात महीने सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस को मामला दर्ज करने में लगे आठ महीने

महिला के साथ उसके बेटे को भी बना रखा था बंधक, जान से मारने की देते थे धमकी

 

  • 24 जुलाई 2017  को हुआ था महिला का अपहरण
  • महिला ने 23 फरवरी को पुलिस से की थी शिकायत
  • 14 सितंबर 2018 को पुलिस ने किया मामला दर्ज
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 01:23 PM IST

ग्वालियर। शहर की पुलिस को सात महीने तक एक महिला को बंधक बनाकर सामूहिक ज्यादती के मामले को दर्ज करने में आठ महीने का समय लग गया। इन आठ महीनों में महिला सैंकड़ों पर पुलिस थाने के चक्कर लगाती रही और उसे हर बार कार्रवाई चल रही है का आश्वासन मिलता रहा। अभी भी इस मामले के सभी आरोपी फरार हैं। 

 


घटना 24 जुलाई 2017 गोल पहाड़िया इलाके की है। बेटे के साथ बाजार आई एक 32 वर्षीय महिला का चार युवकों ने कार में अपहरण कर लिया। एक मकान में महिला को बंधक बना सात महीने तक दुष्कर्म करते रहे। इसी साल 23 फरवरी 2018 को महिला को धमकाकर छोड़ दिया। महिला ने 23 फरवरी को ही गिरवाई थाने में मामले की शिकायत कर दी। करीब आठ महीने बाद पुलिस ने 14 सितंबर 2018 को पुलिस ने किया मामला दर्ज किया है।

 

महिला ने पुलिस को दिया था बयान

 

सात महीने बंधक रहने के बाद थाने पहुंची महिला ने पुलिस को बताया था कि 24 जुलाई 2017 को अपने 5 साल के बेटे को लेकर खरीदारी करने गई। लौटते समय लिफ्ट देने के बहाने चार युवक रामधार गुर्जर, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, वनवारी लोधी व मचल लोधी ने उसका अपहरण कर एक मकान में ले गए। यहां दो कमरे थे। एक में उसके बेटे को रखा। दूसरे कमरे में महिला को रखकर सभी हर दिन उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। आरोपितों ने 7 महीने तक महिला के साथ दुष्कर्म किया फिर उसे छोड़ा। 

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