पहल / संस्थान में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शुरू किया जाएगा एग्रीकल्चर क्लीनिक और बिजनेस

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 05:09 PM IST



Rajmata Vijayaraje Scindia Krishi Vishwa Vidyalaya, Gwalior
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Rajmata Vijayaraje Scindia Krishi Vishwa Vidyalaya, Gwalior

ग्वालियर। अब राजमाता विजयाराजे सिंधिया एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र-छात्राओं को एग्रीकल्चर की फील्ड में बिजनेस करने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें एक्सपर्ट ट्रेनिंग देंगे और लोन की प्रक्रिया समझाएंगे। इसका फायदा उन स्टूडेंट्स को मिलेगा, जिन्होंने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया है और उनकी रूचि जॉब करने की बजाय बिजनेस में है। 

 

ऐसे छात्रों का चयन यूनिवर्सिटी में किया जाएगा और उनकी सालभर तक ट्रेनिंग कराई जाएगी। उन्हें यह ट्रेनिंग देंगे एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस के नोडल प्रशिक्षण केंद्र के एक्सपर्ट। हाल ही में नए सत्र के स्टूडेंट्स के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस में एग्री क्लीनिक की शुरूआत की जा रही है। इसके जरिए एग्रीकल्चर से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार संस्थान हैदराबाद की ओर से ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। जिसमें उन्हें एग्रीकल्चर से जुड़े अगल-अलग बिजनेस के बारे में जानकारी मिलेगी। 


एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एक्सपर्ट बताएंगे बिजनेस प्लान 

 

जूनियर्स को जोड़ेंगे सीनियर : इस सेंटर से जूनियर्स को बड़ी संख्या में जोड़ा जाएगा, जो यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहे हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स कॉर्नर बनाए जाएंगे। जहां पर सीनियर्स को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे जूनियर स्टूडेंट्स को पढ़ाई कराएं।
 
बताए जाएंगे प्रोजेक्ट: इसके तहत छात्र-छात्राओं को सेंटर से आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें प्रोजेक्ट तैयार करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही महिलाओं को 44 फीसदी और पुरूषों को 36 फीसदी लोन में सब्सिडी दी जाएगी। 

 

हर माह एक्सपर्ट के लेक्चर होंगे : एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की ओर से ग्रेजुएट छात्र-छात्राओं के लिए हर महीने एक्सपर्ट के लेक्चर का आयोजन किया जाएगा। इसमें वह एग्रीकल्चर फील्ड में होने वाले बदलाव के बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि भविष्य में किस फील्ड में बेहतर ग्रोथ की संभावना है। इनमें मिट्टी व जल परीक्षण प्रयोगशाला, टिश्यू कल्चर से पौधे तैयार करने की प्रयोगशाला, कस्टम हायरिंग सेंटर, बायोफर्टिलाइजर एवं पेस्टीसाइड की उत्पादन यूनिट आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

 

शासकीय योजनाओं की देंगे जानकारी : जब छात्र-छात्राओं की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद नोडल सेंटर की ओर से इन छात्र-छात्राओं से फॉर्म भरवाए जाएंगे। इसमें उन्हें एक्सपर्ट की ओर से शासकीय योजनाओं की जुड़ी जानकारी दी जाएगी। 

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