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अपराध / एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज होने के बाद आरोपियों के भाई की हत्या

8 दिन पहले ही मृतक के भाई और भतीजे पर गांव के एक परिवार ने एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था

घटना स्थल पर मामले की जांच करते टीआई। घटना स्थल पर मामले की जांच करते टीआई।
  • किसान सो घर में रहा था और शव दो सौ मीटर दूर मिला
  • मृतक का सात दिन पहले हुआ था गांव में विवाद
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 05:26 PM IST

दतिया/इंदरगढ़। ऊंचिया गांव में एक किसान की कुछ लोगों ने कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। वारदात मृतक के घर से तकरीबन 200 मीटर दूर स्थित नाले के पास रास्ते में अंजाम दी गई। यही नहीं हत्यारों ने वारदात से पहले किसान के मकान की बाहर से कुंदी लगा दी थी और बाहर बाखर में किसान की हत्या कर दी।

 

 

सुबह जब परिवार के लोग जागे और कुंदी लगी पाई तो मोहल्ले के लोगों को शोर मचाकर बुलाया। इसके बाद शौच के लिए निकले लोगों ने रास्ते में किसान का शव पड़ा देखा तो हत्या की जानकारी उसके परिजन को दी। इस हत्याकांड में मृतक के परिजन ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। 

 

200 मीटर दूर नाले में मिली लाश 


पुलिस को शक है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने वाले परिवार को फंसाने के लिए ही आरोपियों ने अपने परिवार के युवक की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार ऊचिया निवासी अमर सिंह (55) पुत्र धन्नू ने पुलिस को बताया कि चार भाइयों में सबसे छोटा भाई हरीराम बघेल (45) शुक्रवार रात आठ बजे मंझले भाई लल्लू बघेल की बाखर में सोने चला गया था। शनिवार को सुबह करीब छह बजे लल्लू के लड़के प्रेमनारायण ने आवाज दी कि किसी ने बाखर के बाहर से कुंदी बंद कर दी है तो मोहल्ले में रहने वाले लोगों ने दरवाजे की कुंदी खोली। फिर प्रेमनारायण ने ही मेरी बाखर के दरवाजे के बाहर लगी कुंदी खोली और हमें सोने से जगाया। लेकिन छोटा भाई हरीराम बाखर में कहीं भी नहीं मिला। हरीराम की तलाश की तो उसकी लाश तकरीबन 200 मीटर दूर नाले के पास खून से सनी हुई पड़ी थी। हरीराम के गले, सिर और सीने पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। 

 

मृतक के भाई और भतीजे पर शक 

 

सात सितंबर को मृतक के भाई लल्लू, उनके बेटे प्रेमनारायण और छोटू बघेल का गांव में ही रहने वाले जीतेंद्र और परशुराम अहिरवार से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि प्रेमनारायण और लल्लू पर जितेंद्र अहिरवार और परशुराम अहिरवार को पीटने का आरोप लगा। इस पर जितेंद्र अहिरवार ने इंदरगढ़ थाने में प्रेमनारायण, लल्लू और छोटू के खिलाफ एससी, एसटी का प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस को शक है कि लल्लू और उसके बेटे प्रेमनारायण ने अपने ऊपर लगे एससी, एसटी के प्रकरण का बदला लेने और हरीराम की हत्या के मामले में जीतेंद्र अहिरवार के परिवार को फंसाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है। इसमें जांच का विषय यह भी है कि मृतक हरीराम रात में खाना खाकर बड़े भाई लल्लू के यहां ही सोने गया था। यहां से वह 200 मीटर दूर नाले के पास कैसे पहुंचा। पुलिस पे हर एंगल से जांच शुरू की है, उसके अनुसार जल्द ही निष्कर्ष निकलेगा। 

 

परिवार के लोगों ने लगाया हत्या का आरोप 

 

मृतक हरीराम के परिवार के लोगों की गांव के ही दलित परिवारों से दो साल से रंजिश चल रही है। पूछताछ में मृतक के बड़े भाई अमर सिंह बघेल ने बताया कि तकरीबन दो साल पहले छोटे भाई लल्लू का लड़का प्रेमनारायण गांव में ही रहने वाले रामकिशोर अहिरवार की पत्नी को सूरत भगा ले गया था। दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही है। मृतक के भाई अमर सिंह ने गांव में रहने वाले परशुराम अहिरवार, जितेंद्र अहिरवार, रविंद्र बंशकार, रामकुमार अहिरवार, रामसेवक पाल, रामप्रकाश पाल पर हत्या का आरोप लगाया है। 

 

अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी


अभी मृतक का परिवार शोक संतृप्त है। इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं हो सकी है। कुछ दिन पहले मृतक के भाई और भतीजे पर एससी, एसटी का प्रकरण दर्ज हुआ था, संभवत: यही प्रकरण हत्या की वजह बना है। इसमें घर के लोग भी हो सकते हैं और विरोधी पार्टी भी हो सकती है। अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी।

अजय चानना, टीआई, इंदरगढ़ 

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