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अवैध होर्डिंग्स हटाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें

सुमन सिंह सिकरवार ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स को हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की है।

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:47 AM IST

ग्वालियर. सर्वोच्च न्यायालय ने मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें 9 जिलों में लगे सभी अवैध होर्डिंग्स को हटाकर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा न्यायालय ने मप्र के मुख्य सचिव को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया था।

यहां बता दें कि सुमन सिंह सिकरवार ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स को हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी 9 जिलों के कलेक्टरों को कार्रवाई करने का आदेश दिया था। तीन माह बीतने के बाद भी कलेक्टरों द्वारा प्रतिपालन रिपोर्ट पेश नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने उक्त आदेश दिया था जिसे चुनौती देते हुए अपोलो एडवरटाइजर्स व अन्य ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

हटाए होर्डिंग: सोमवार को सिटी सेंटर, गस्त का ताजिया, सात नंबर चौराहा से निगम के मदाखलत अमले ने हाेर्डिंग हटाए। अभी तक शहर में 80 हाेर्डिंग उतारे जा चुके हैं।

दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें
शहर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय में सोमवार को सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता द्वारा न्यायालय को बताया गया कि भोपाल की जांच एजेंसी ने केआरजी कॉलेज से लेकर कॉल नर्सिंग होम तक की सड़क की गुणवत्ता संबंधी जांच पूरी कर ली है। न्यायालय ने दो सप्ताह के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।