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इस बार शहर के साथ गांव की बेटियां भी बनेंगी ब्रांड एम्बेसडर और लोकल चैंपियन

बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी अब लड़कियां खुद ही उठाएंगी। इसके लिए शहरी औैर...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:51 AM IST
बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी अब लड़कियां खुद ही उठाएंगी। इसके लिए शहरी औैर ग्रामीण क्षेत्रों की होनहार बेटियों को ब्रांड एम्बेसडर और लोकल चैम्पियन बनाया जाएगा। यह प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएगी। इस बार बीते वर्ष की तुलना में ब्रांड एम्बेसडर के लिए चयन का प्रारूप बदल गया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाता था, लेकिन इस बार से इसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को सौंपी गई है। विभागीय अधिकारी वर्षभर की अकादमिक, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद प्रतिभागियों से पूछा जाएगा कि वह ब्रांड एम्बेसडर क्यों बनाना चाहती हैं और इसके बाद उनका लक्ष्य क्या होगा। इसके बाद ज्यूरी योग्यता के आधार पर इनके नामों सूची तैयार करेंगे। अंत में कलेक्टर इनमें चयनित बेटियों के नाम घोषित करेंगे।

Awareness Campaign

इस महीने के अंत तक तैयार की जाएगी सूची, कलेक्टर करेंगे नामों की घोषणा

ब्रांड एम्बेसडर के रूप में तीन साल में कुल 26 बेटियों का चयन किया गया है। कॉलेज में बेटी बचाओ कार्यक्रम में मौजूद ब्रांड एम्बेसडर।

गांव की बेटियों को भी मौका

अभी तक शहरी क्षेत्रों की बेटियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाता है, लेकिन इस बार से इसका दायरा बढ़ाया गया है। इसमें ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इसमें विकासखंड और ग्रामीण स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाशाली बेटियों को शामिल किया जाएगा।

गली, मोहल्ला,तालाब के नाम बेटियों के नाम

स्वास्थ्य विभाग के मीडिया प्रभारी आईपी निवारिया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना का प्रचार-प्रसार करने की ज्यादा आवश्यकता है। इसकी वजह है कि इन क्षेत्रों में अभी भी कन्या भ्रूण हत्या ज्यादा होती है। इसलिए जिला प्रशासन को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें गांव की गली, मोहल्ले, तालाब और स्कूल के नाम वहां की प्रतिभाशाली बेटी के नाम पर रखना शामिल है। इससे अन्य लोगों में भी जागरूकता आएगी।