ठगी की तीन वारदात / एटीएम में महिला को बातों में उलझाकर युवक ने बदला कार्ड, खाते से निकाले 1.20 लाख रुपए

समय पर हेल्पलाइन नंबर लग जाता तो शायद इतनी बड़ी रकम ठग नहीं निकाल पाते। समय पर हेल्पलाइन नंबर लग जाता तो शायद इतनी बड़ी रकम ठग नहीं निकाल पाते।
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समय पर हेल्पलाइन नंबर लग जाता तो शायद इतनी बड़ी रकम ठग नहीं निकाल पाते।समय पर हेल्पलाइन नंबर लग जाता तो शायद इतनी बड़ी रकम ठग नहीं निकाल पाते।

  • बहोड़ापुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में महिला को चपत लगाई
  • फीस फोन-पे के जरिये भेजने के बहाने वकील के खाते से ही रुपए निकाल लिए

दैनिक भास्कर

Feb 13, 2020, 07:01 AM IST

ग्वालियर. केस 1- एटीएम बूथ पर रुपए निकालने के लिए गई एक महिला को बातों में उलझाकर युवक और उसके साथी ने डेबिट कार्ड बदल लिया। इसके बाद कुछ ही देर में इन लोगों ने खाते से 1.20 लाख रुपए निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। जब रुपए निकलने का पहला एसएमएस आया, तब महिला काे पता लगा। तुरंत उन्होंने कार्ड ब्लॉक करवाने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल लगाया, लेकिन 16 मिनट तक हेल्पलाइन नंबर इंगेज आता रहा। तब तक चार एसएमएस और आ चुके थे।

जब तक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल लग पाया और कार्ड ब्लॉक हुआ, तब तक 1.20 लाख रुपए निकल चुके थे। अगर समय पर हेल्पलाइन नंबर लग जाता तो शायद इतनी बड़ी रकम ठग नहीं निकाल पाते। ठगी गई महिला का नाम विभा पत्नी देवेंद्र पांडे है। वह बहोड़ापुर स्थित गरगज कॉलोनी के सेक्टर बी में रहती हैं। घटना 25 जनवरी की है। लेकिन पहले उन्होंने सायबर सेल में संपर्क किया, फिर इन्हें क्राइम ब्रांच भेजा गया। क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद बुधवार को एफआईआर दर्ज की। इसमें बैंक से पुलिस को ठगों के सीसीटीवी फुटेज मिल गए हैं। इस आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। 
 

बेटे की शादी के लिए जोड़े थे रुपए, मदद के बहाने ले लिए डेबिट कार्ड 
ठगी की शिकार महिला विभा पांडे- मैं 25 जनवरी को रात करीब 8 बजे गरगज कॉलोनी के पास स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम बूथ पर गई थी। मेरा खाता सेंट्रल बैंक में ही है। पति शहर से बाहर नौकरी करते हैं। हम बड़े बेटे की शादी की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए मैंने ही अपने खाते में रुपए इकट्ठे किए थे। 10 हजार रुपए मैंने डेबिट कार्ड से निकाल लिए। अचानक एक युवक आया और बोला कि आंटी आपके पैसे अभी भी निकल रहे हैं। यह बोलते-बोलते उसने मेरा डेबिट कार्ड ले लिया। मेरे सामने ही उसने मशीन में कार्ड लगा दिया, फिर कार्ड निकालकर बोला कि ट्रांजेक्शन बंद कर दिया।

इतने में उसका साथी आ गया। उसने मुझे कार्ड दे दिया। मैं घर पहुंची तो मेरे पास रुपए निकलने का एसएमएस आया। मुझे संदेह हुआ तो मैंने हेल्पलाइन नंबर डायल किया। लेकिन हेल्पलाइन पर कॉल नहीं लगा। 16 मिनट तक नंबर इंगेज आता रहा। इसके बाद कॉल लगा और कुछ देर में कार्ड ब्लॉक हो गया। तब तक खाते से 1.20 लाख रुपए निकल चुके थे। मैंने पहले सायबर सेल में शिकायत की। उन लोगों ने कुछ दिन फुटेज निकलवाने में लगा दिए। फिर क्राइम ब्रांच भेजा। इसके बाद बुधवार को एफआईआर हुई। फुटेज में युवक और उसका दोस्त नजर आ रहे हैं। जिसने मुझसे कार्ड लिया था, उसने हाथ पीछे कर अपने दोस्त को कार्ड दिया। 

केस 2- फेसबुक आईडी हैक कर 20 हजार रुपए की ठगी
हितेंद्रेश्वर शर्मा निवासी शिंदे की छावनी ने बताया कि 10 फरवरी को उनकी फेसबुक आईडी के जरिए उनके दोस्त, रिश्तेदारों को फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज किए गए। छोटे भाई की तबीयत खराब होने की बात कहकर लोगों से पैसे मांगे गए। तीन लोगों ने 20 हजार रुपए खाते में डाल भी दिए। हितेंद्रेश्वर ने बताया कि 10 फरवरी को जब उनके कुछ रिश्तेदारों ने कॉल किया तब उन्होंने फेसबुक आईडी खोलकर देखी। किसी ने फेसबुक आईडी हैक कर उनके नाम पर रुपए की मांग की। तीन लोगों ने 20 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद उसने फेसबुक के जरिए सभी को आईडी हैक होने का मैसेज किया। इसकी शिकायत उन्होंने क्राइम ब्रांच में की है।

केस-3 कोर्ट मैरिज की फीस फोन-पे के माध्यम से भेजने का दिया झांसा वकील के खाते से निकाले रुपए 
एक वकील के साथ अजीब तरीके से ऑनलाइन ठगी हो गई। वकील के पास एक युवक का कॉल आया, जो खुद को सीआईएसएफ का आरक्षक बता रहा था। उसने दोस्त की कोर्ट मैरिज ग्वालियर से करने का झांसा दिया और फीस फोन-पे के जरिये भेजने के बहाने वकील के खाते से ही रुपए निकाल लिए। वकील की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। 


सिटी सेंटर स्थित अल्कापुरी के रहने वाले रमेश सिंह के पास 8053465885 नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम श्रीकांत बताया और कहा कि वह सीआईएसएफ में आरक्षक है। उसकी पोस्टिंग हरियाणा में है। उसे अपने दोस्त की कोर्ट मैरिज ग्वालियर से करानी है। कोर्ट मैरिज की फीस उसने फोन-पे के जरिये भेजने की बात कही। फिर उसने कहा कि वह एक क्यूआर कोड अपनी मर्चेंट अफसर पूनम के वॉलेट से भेजेगा।

जैसे ही वकील के पास क्यूआर कोर्ड आया तो उन्होंने यह स्कैन कर कॉल करने वाले को भेज दिया। इसके बाद उनके खाते से ही 4 हजार रुपए निकल गए। झांसा देने के लिए ठग ने पहले 20-20 रुपए के दो ट्रांजेक्शन वकील के खाते में किए। इससे उन्हें यकीन हो गया, लेकिन क्यूआर कोर्ड भेजते ही जब उनके खाते से पैसे निकले तब उन्हें ठगी का पता लगा।

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